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पसंद का स्कूल नहीं मिला तो हुईं मायूस, अनहोनी का सता रहा डर

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लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग में नवनियुक्त 1593 शिक्षक-शिक्षिकाओं को विद्यालय आवंटन के लिए जारी काउंसलिंग के चौथे दिन शुक्रवार तक 1060 शिक्षकों को विद्यालय आवंटित किए गए हैं। दूसरे जनपदों से आई शिक्षिकाओं में आवागमन की सुविधा के लिहाज से शहर, कस्बों और सड़क किनारे के स्कूल पाने की होड़ रही। इसके लिए सिफारिशें भी आती रहीं। स्कूल आवंटन की ऑनलाइन प्रक्रिया के चलते काउंसलिंग में पहले पहुंचने वाली कुछ शिक्षिकाओं को पसंद के स्कूल मिले, बाकी तमाम को मायूसी ही हाथ लगी।
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69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत जनपद में 1700 से अधिक सीटें मिली थीं, जिसमें 1593 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इन्हें 26 जनवरी से 31 जनवरी 2021 तक ऑनलाइन विद्यालय आवंटित किए जाने हैं। इनमें 860 शिक्षिकाओं और दिव्यांगों को सबसे पहले बुलाकर काउंसलिंग में स्कूल के चयन के लिए विकल्प की सुविधा दी गई, जिससे अभी पुरुष शिक्षकों को अपनी बारी का चार दिन तक इंतजार करना पड़ा।
विभाग ने महिला एवं दिव्यांग शिक्षकों को स्कूल चुनने के लिए रिक्त विद्यालयों की सूची जारी कर चस्पा कराई है, बावजूद इसके ज्यादातर शिक्षिकाओं को मनचाहे स्कूल में तैनाती नहीं मिल पाई है। इससे शिक्षिकाओं में अनजाने गांव/ रास्ते पर आवागमन के दौरान सुरक्षा को लेकर डर का माहौल है। काउंसलिंग के चौथे दिन ही लखीमपुर, फूलबेहड़, बेहजम और नकहा ब्लॉक के स्कूलों में रिक्तियां पूरी हो गई हैं। इससे इन ब्लॉकों में नियुक्ति पाने की इच्छुक शिक्षिकाओं को न चाहते हुए भी दूसरे ब्लॉक का विकल्प चुनना पड़ा है।
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पड़ोसी जनपद सीतापुर की निवासी नवनियुक्त शिक्षिका नीतू कनौजिया अपनी तैनाती पसगवां ब्लॉक के ऐसे स्कूल में चाहती थीं, जो सड़क किनारे स्थित हो ताकि आवागमन सुलभ हो। खासकर मितौली ब्लॉक के बार्डर पर स्कूल चाहती थीं, लेकिन काउंसलिंग के चौथे दिन उन्हें मायूसी हाथ लगी। क्योंकि विकल्प में चुने गए स्कूल में पहले ही कोई तैनाती पा चुका था।
हापुड़ निवासी शबनम जिले में नियुक्ति मिलने से काफी खुश हैं, लेकिन स्कूल का चयन करने में काफी दिक्कतें हुईं। शबनम ने पसगवां ब्लॉक के भानपुर बनवारी में तैनाती के लिए विकल्प दिया, लेकिन इसमें सीट फुल थी। लिहाजा उन्हें उसी नाम से मिलते-जुलते दूसरे गांव में तैनाती का विकल्प चुनना पड़ा। उन्होंने बताया कि मोहम्मदी में रुककर विद्यालय आएंगी जाएंगी।
लखनऊ निवासी अनीता भास्कर मितौली ब्लॉक के स्कूल में तैनाती चाहती थीं, जब काउंसलिंग में पहुंची तो पता चला कि वहां कोई रिक्त स्थान नहीं बचा है। इससे अनीता काफी तनाव में आ गईं, क्योंकि उन पर तीन वर्षीय मासूम बेटे की परवरिश की जिम्मेदारी है। अब नौकरी के लिए विकल्प चुनना मजबूरी था, तो उन्होंने कुंभी ब्लॉक के कनकपुर विद्यालय का चयन किया।
बदायूं निवासी प्रीती गौतम के लिए काउंसलिंग का अनुभव अच्छा रहा। उन्होंने मोहम्मदी के प्राथमिक विद्यालय रछेला वाजिदपुर का विकल्प चुना था, जो उन्हें मिल गया। इससे वह काफी खुश दिखीं।
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