रसोई गैस की भांति संकर बीजों पर मिलने वाली सब्सिडी (अनुदान) अब आरटीजीएस
के माध्यम से किसानों के खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर) की
जाएगी। खरीफ सीजन में बीजों की खरीद पर अनुदान पाने के लिए किसानों को
पंजीकरण कराना अनिवार्य हो गया है, जिसके लिए पूर्व निर्र्धारित समय सारिणी
में परिवर्तन किया गया हैै। अब कृषि विभाग 26 अप्रैल 2015 तक किसानोें का
पंजीकरण करेगा।
वर्ष 2015-16 में इस व्यवस्था को अमल में लाने के लिए
शासन ने कृषि विभाग को निर्देश जारी किए हैं। आगामी खरीफ सीजन में संकर
धान, मक्का, ज्वार, बाजरा आदि के बीजों का वितरण नई व्यवस्था के अनुसार
कराने पर जोर दिया जा रहा है। कृषि निदेशक द्वारा जारी निर्देशों के
मुताबिक ब्लाक स्तर पर बीजों का वितरण कराया जाएगा, जिसमें कंपनियां स्टाल
लगाकर बीज बिक्री करेंगी। यहां पर किसानों को पूरे मूल्य का भुगतान करना
होगा। लिहाजा 16 से 26 अप्रैल 2015 तक कार्यालय में या फिर ऑनलाइन टोल फ्री
नंबर पर किसानों को पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद 29 अप्रैल को पहले आओ
पहले पाओ के आधार पर चयनित लाभार्थी किसानों को सूचित करते हुए ब्लाक
मुख्यालय पर सूची चस्पा कर दी जाएगी। इसके बाद ब्लाक स्तर पर एक मई से संकर
बीजों की बिक्री के लिए कंपनियों द्वारा स्टाल लगाए जाएंगे।
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अनुदान प्राप्त करने के लिए भरना होगा प्रारूप
स्टाल
से बीज क्रय करने के बाद किसानों को संबंधित ब्लाक में नामित कृषि विभाग
के कर्मचारी के पास निर्धारित प्रारूप पर सूचना देगा, जिसमें बैंक खाता
संख्या, आईएफएससी कोड समेत कैशमेमो संलगभन किया जाएगा। संबंधित कर्मचारी
किसानों को पावती रसीद उपलब्ध कराएगा।
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गुणवत्ता खराब होने पर किसानों को क्षतिपूर्ति
बीज
की गुणवत्ता खराब होने पर किसानोें को क्षतिपूर्ति दिर्लाई जाएगी। इसके
लिए स्टाल लगाने वाली कंपनियों से परफार्मेंस बैंक गारंटी के तौर पर धनराशि
जमा कर्राई जाएगी।
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व्हाट्सएप के जरिए होगी निगरानी
बीज वितरण
व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए संचार माध्यमों का सहारा
लिया जाएगा। कृषि विभाग के ब्लाक स्तरीय अधिकारी/कर्मचारी बीज वितरण की
कार्यवाही की फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी करेंगे और व्हाट्सएप पर एक ग्रुप
बनाकर मंडलीय संयुक्त कृषि निदेशक को सूचनाएं भेजेंगे।
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किसानों
के पंजीकरण के संबंध में सभी राजकीय कृषि बीज भंडार प्रभारियों को निर्देश
जारी किए गए हैं। टोल फ्री नंबर पर ऑनलाइन पंजीकरण में आ रही दिक्कतों के
मद्देनजर मैनुअल पंजीकरण के निर्देश दिए हैैं।
-अमर सिंह, जिला कृषि अधिकारी