सालों से स्कूलों में चल रही शिक्षक डायरी अब विदा लेने वाली है।
इस डायरी
की जगह शिक्षकों को एक सामान्य डायरी रखनी होगी। नए साल की शुरुआत से इसे
लागू किया जाएगा। इसे शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक समेत सभी एबीआरसी और
एनपीआरसी को भी रखना होगा।
बाजार में बिक रहीं सामान्य डायरी में पहले
के कुछ पेजों पर शिक्षकों को अपने व साथी कर्मचारियों के बारे में उनकी
शिक्षा, जन्मतिथि, ज्वाइंनिंग डेट समेत पूरी डिटेल रखनी होगी। यही नही
स्कूल में मौजूद संसाधन, छात्र संख्या, एमडीएम की पूरी जानकारी और रसोइयों
का ब्योरा भी दर्ज करना होगा।
बीएसए डॉ. ओपी राय ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर इसे पहली जनवरी से हर हाल में लागू करने का आदेश दिया है।
गुरुजी
अगर बीआरसी, एनपीआरसी या फिर बैंक जाएंगे तो स्कूल में दर्ज होने वाले
रिकार्ड के अलावा अपनी डायरी में इसे भी लिखना होगा, साथ ही स्कूल में क्या
पढ़ाया, इसे भी दर्ज करना होगा। स्कूल के समय कहीं भी अगर गुरुजी को जाना
है तो डायरी साथ रखनी होगी।
इसके अलावा करीब 20 पन्नों पर गुरुजी को सामान्य ज्ञान के सवालों को दर्ज करना होगा।
बीईओ अनुराग कुमार मिश्रा ने बिजुआ और कुंभी ब्लाक के एबीआरसी के साथ बैठक कर पहली जनवरी से इसे लागू करने के आदेश दे दिए हैं।