लखीमपुर खीरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 अक्तूबर 2024 तक सभी सड़कों को दुरुस्त करने का आदेश दिया था, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते जिले में अब भी बड़ी संख्या में सड़कें जर्जर हैं। यह सड़कें लोगों के लिए मुसीबत बन गईं हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर सड़कों की लंबी फेहरिस्त हैं। इनकी दशा कब सुधरेगी कोई बताने वाला नहीं है।
शहर की ही तमाम सड़कें अभी जर्जर पड़ी हैं। हालांकि आदेश के बाद कुछ पर गड्ढे भरे गए थे, लेकिन बहुत सी सड़कें ऐसे ही छोड़ दी गईं। तमाम मुख्य मार्ग अब भी जर्जर हैं, जो बन नहीं पाए हैं, न ही उनके गड्ढे भरे गए हैं।
रोडवेज बस स्टेशन के सामने वाली सड़क पर गड्ढे भरे गए थे, जगह-जगह पैच भी लगाए गए थे, लेकिन गांधी विद्यालय चौराहे से रोडवेज बस स्टेशन तक जगह-जगह बहुत से गड्ढे अब भी हैं। सड़क का कुछ हिस्सा अभी जर्जर है।
इसके अलावा शहर का मुख्य कचहरी मार्ग जो कंपनी बाग से होते हुए आंबेडकर पार्क तक जाता है, यह सड़क काफी जर्जर और जगह-जगह गड्ढे हैं। गांधी पार्क से जीजीआईसी स्कूल के सामने होते हुए दुखहरणनाथ मंदिर तक सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं।
इसके अलावा मेला मैदान चौराहे से इमली चौराहे जाने वाली सड़क पर भी बहुत सी जगह गड्ढे हैं। मेला मैदान चौराहे से गढ़ी मार्ग पर भी गड्ढे हैं। हिदायत नगर चौराहे से अवधेश पुरम जाने वाला मार्ग भी जर्जर है।
शहर की तमाम सड़कें फिर से बनने के लिए प्रस्तावित हैं, इसलिए वह सड़कें छोड़ दी गईं हैं। बाकी कुछ सड़कें सप्ताह भर पहले ही बनाई गई हैं। जल्द ही बची सड़कें भी बन जाएंगी। - संजय कुमार, ईओ नगर पालिका लखीमपुर
हमारे क्षेत्र की सड़कों का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण करा दिया जाएगा। अधिकांश सड़कों को दुरुस्त कराया जा चुका है। - तरुणेंद्र त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड
फरधान क्षेत्र की सड़कें खस्ताहाल, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान
फरधान। सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने के मुख्यमंत्री के आदेश का क्षेत्र में कोई असर नहीं है। फरधान क्षेत्र में कई सड़कें आज भी जर्जर हालत में हैं। जर्जर और गड्ढायुक्त सड़कों से निकलने में राहगीरों को काफी परेशानी होती है।
मनिकापुर तिराहे से पिपरिया अंडू, लकेसर और लीलाकुआं को जाने वाला मार्ग पिछले दस वर्षों से खराब है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय नेताओं समेत उच्च अधिकारियों से सड़क बनवाने की मांग की है, लेकिन सड़क निर्माण नहीं हुआ है। इस सड़क से दर्जनों गांवों के स्कूली बच्चे और राहगीर निकलते हैं। लकेसर के प्रधान पंकज सिंह ने बताया पिछले 10 वर्षों से यह सड़क मरम्मत योग्य है।
गांव सिकटिहा से गनेशपुर-हरिहरपुर होते हुए देवकली जाने वाला मार्ग वर्षों से जर्जर है। सड़क से तारकोल युक्त महीन बजरी गायब हो गई है। नीचे पड़े नुकीले पत्थर निकलकर ऊपर आ गए हैं। इस जर्जर सड़क से होकर रोजाना करीब 20 गांव के लोग निकलते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को साइकिल से निकलने में दिक्कत होती है।
फरधान कस्बे से परसेहरा बुजुर्ग को जाने वाला मार्ग कई वर्षों से जर्जर पड़ा है। इस सड़क पर जमुआरी नदी की पुलिया पड़ती है। पुलिया के पास सड़क टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। खस्ताहाल सड़क की वजह से आए दिन लोग हादसे का शिकार होते हैं। ग्रामीण विनीत कुमार, विकास सिंह, जय प्रकाश का कहना है भदूरा से परसेहरा बुजुर्ग गांव तक सड़क की मरम्मत कर दी गई है, जबकि परसेहरा बुजुर्ग से फरधान तक जाने वाला मार्ग काफी जर्जर है।
ग्राम पंचायत धौरहरा खुर्द से दुघड़ा को जाने वाला मार्ग वर्षों से जर्जर है। मरम्मत के अभाव में सड़क पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। मरम्मत न होने से राहगीरों को काफी दिक्कत होती है। जर्जर गड्ढायुक्त सड़क से ट्रैक्टर-ट्रॉली से गन्ना लेकर क्रय केंद्र तक जाने वाले किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
फरधान क्षेत्र के गांव खजुहा से कौरय्या मुफरत को जाने वाला मार्ग काफी दिन से जर्जर पड़ा है। सड़क से तारकोल युक्त बजरी उखड़कर गायब हो गई है। ग्रामीण पंकज, रितेश आदि का कहना यह सड़क कई वर्षों से मरम्मत योग्य है। कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन आज तक सड़क वैसी ही पड़ी है।
मेरा काम सिर्फ ग्राम पंचायत की सड़कें बनवाने और देखरेख करने का है। परसेहरा बुजुर्ग और मनिकापुर तिराहे से जाने वाली सड़क पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आती है। पीडब्ल्यूडी की जिम्मेदारी है। - ज्ञानेंद्र सिंह, खंड विकास अधिकारी
परसेहराबुजर्ग को जाने वाला मार्ग पड़ा जर्ज़र। संवाद