बीटीसी प्रशिक्षण में गलत तरीके से तीन प्रशिक्षणार्थियों के नाम शामिल करने के आरोप में सीजेएम कोर्ट ने तत्कालीन डायट प्राचार्य और उनके पति के खिलाफ संज्ञान लिया है। कोर्ट ने दोनों के खिलाफ समन जारी करते हुए कोर्ट में पेश होने के लिए आदेशित किया है।
गोला निवासी अधिवक्ता संतोष त्रिपाठी ने तत्कालीन डायट प्राचार्य मीरा त्रिपाठी और उनके पति रामप्रसाद त्रिपाठी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि वर्ष 2014 बीटीसी सूची में 195 सीटों के बजाय अभिलेखों मे गड़बड़ी और कूटरचना करते हुए 198 अभ्यर्थी भर्ती कर लिए। सीजेएम ने रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए तो मीरा त्रिपाठी और उनके पति ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने तफ्तीश की जिम्मेदारी सीओ सिटी को दी थी, वहीं सीओ एमपी सिंह ने जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप में दोनों के खिलाफ चार्जशीट सीजेएम कोर्ट में दाखिल की थी। सीजेएम डॉ. दीनानाथ ने सुनवाई के बाद आरोपी मीरा त्रिपाठी और उनके पति रामप्रसाद त्रिपाठी के खिलाफ जालसाजी और हेराफेरी का मामला प्रथम दृष्टया साबित पाते हुए उन्हें आरोपों का सामना करने के लिए कोर्ट में तलब किया है।