डीएफओ साउथ नीरज कुमार ने शनिवार को भीरा रेंज के चक, पड़रिया, छैरासी, पल्हनापुर आदि बीटों का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने रेंज के चक बीट में 60 हेक्टेयर क्षेत्रफल में कराए गए साल पौध के रिजर्नेशन का बारीकी से मुआयना किया। साथ ही वनकर्मियों से इसके रखरखाव आदि के सख्त निर्देश दिए।
जंगल भ्रमण के दौरान भीरा रेंज की चक बीट में पहुंचे डीएफओ ने कंपार्टमेंट 14 के 60 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विभाग के माध्यम से लगाए गए साल पौध रिजर्नेशन का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि साल पौध नर्सरी में खड़ी घास के चलते पौध को सूरज की रोशनी कम मिलने के कारण पौध की बढ़ोतरी में बाधा आ रही है। इसको लेकर उन्होंने वनकर्मियों से नाराजगी जताते हुए सफाई के निर्देश दिए। डीएफओ ने बताया कि प्राकृतिक साल पौध के जंगलों में रिजर्नेशन को लेकर किए जा रहे प्रयास में उम्मीद से अधिक सफलता मिल रही है। उन्होंने बताया कि जंगल में रिजर्नेशन की जा रही साल पौध तैयार होने के बाद उसे प्रमोट कर दूसरे स्थानों पर लगाया जाएगा। इस मौके पर ट्रेनी आईएफस वासवी प्रकाश सहित विभागीय अमला मौजूद रहे।
बाघ के पगमार्क मिले
जंगल भ्रमण के दौरान बाघ ने डीएफओ को अपनी मौजूदगी का अहसास कराया। डीएफओ ने बताया कि साल रिजर्नेशन मुआयने के बाद वापसी में चक बीट में बाघ के पगमार्ग दिखाई पड़े। उन्होंने बताया कि बाघ के पगमार्क मिलने पर भीरा वनकर्मियों को उसकी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।