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सुख समृद्धि की मंगलकामना के साथ मनाई दिवाली

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गोला में जलती चर्खी का नजारा। - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। कोरोना काल में शनिवार को जिले भर में दिवाली पारंपरिक तरीके से श्रद्धा और हर्षोल्लास से मनाई गई। त्योहार मनाने की खुशी में लोग कोरोना का खौफ भी भूल गए। न तो दुकानदारों ने कोविड-19 गाइड लाइन का पालन किया और न ही मिठाई, आतिशबाजी आदि की खरीदारी के लिए दुकानों पर पहुंचे नगरवासियों ने। हालांकि त्योहार को लेकर लोग बेहद उत्साहित दिखे। सुबह से ही घरों की साफ सफाई से लेकर उन्हें संजाने संवारने का दौर शुरू हो गया। श्री लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों, प्रसाद के लिए मिठाई, चूरा, खिलौने एवं आतिशबाजी की दुकानों पर दिन भर भीड़ रही। बाजार में पूरे दिन जाम की स्थिति रही। जीआईसी मैदान पहुंचकर लोगों ने आतिशबाजी खरीदी। शाम होते ही पूरा शहर रंग बिरंगी झालरों से रोशन हो उठा। घरों में मां लक्ष्मी गणेश का पूजन हुआ । लोगों ने अलाय बलाय तापने के बाद विधि विधान से पूजन कर सुख सौभाग्य के लिए मंगलकामना की। इसके बाद आतिशबाजी का दौर शुरू हुआ, जो आधी रात के बाद तक चलता रहा। उचौलिया में भी हर्षोल्लास से त्योहार मनाया गया।
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गोला गोकर्णनाथ। लोगों ने घरों और प्रतिष्ठानों को रंग बिरंगी बिजली के बल्बों से सजाया। शाम होते ही घरों में भगवान गणेश और सुख-समृद्धि दायिनी मां लक्ष्मी एवं मां सरस्वती का पूजन हुआ।
ममरी। कस्बा क्षेत्र में लोगों ने विधविधान से पूजन कर त्योहार मनाया। इसके बाद बच्चों और युवाओं ने पटाखे दागे।
भीखमपुर। गांवों में अलाय बलाय डालने की परंपरा विशेष रूप में कायम रही। अलाय बलाय जलाकर लोगों ने बड़ों का आशीर्वाद लेकर पूजन किया। मंदिरों में खास सजावट रही। अल्लीपुर, मढ़िया, मड़रिया, मोहम्मदाबाद, तकिया, चांदामाऊ, बीरमपुर, अवधपुर में भी त्योहार मना।
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रोशननगर, बिझौली, रजागंज, चिंतापुरवा, बक्खारी, जमुनहा आदि गांवों में लोगों ने परंपरागत तरीके से त्योहार मनाकर सुख समृद्धि की कामना की।
मैलानी। लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज में पटाखा मंडी मेें भीड़ रही। गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां, कैलेंडर और स्टिकर की खूब बिक्री हुई।
पलियाकलां। मिठाई, चूरा, खील, खिलौना और पटाखे खरीदे। संर्पूणानगर, महंगापुर, गौरीफंटा, चंदनचौकी भीरा सहित आसपास क्षेत्र में दिवाली मनाई गई।
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‘अलाय बलाय दूर हो, खांसी खुर्रा दूर हो’
गांवों में आज भी अलाय बलाय की परंपरा कायम है। पूजन से पहले बच्चों और युवाओं ने बुजुर्गों के साथ घर से जलती हुई अलाय बलाय लेकर खांसी खुर्रा दूर हो, अलाय बलाय दूर हो का नारा लगाते हुए गांव में एक निश्चित स्थान पर डालकर देवी देवताओं के जयकारे लगाए।
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एक दीया शहीदों के नाम, इंदिरा पार्क में सप्तम दीप यज्ञ
गोला गोकर्णनाथ। समस्या समाधान परिवार की ओर से वीर जवानों के सम्मान में दिवाली पर सप्तम दीप यज्ञ का आयोजन इंदिरा गांधी पार्क में हुआ। सेना से रिटायर विनोद वर्मा ने दीप जलाकर दीप यज्ञ प्रारंभ किया। सेना चिकित्सा कोर के रिटायर आरएस वर्मा, केडीअंसारी के अलावा गंगादेवी गुप्ता, शिखा कनौजिया, शशि गुप्ता, अंशिका सक्सेना ने इंदिरा प्रतिमा को टीका बंदन कर माल्यार्पण किया। पार्क में ॐ, स्वास्तिक, जय हिंद दीप के माध्यम से लिखा गया। अशोक कनौजिया, आशीष जायसवाल, अपूर्व श्रीवास्तव, सुशील निषाद आदि मौजूद रहे।
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मिठाई करोबार को मिली संजीवनी
अनलॉक होने के बावजूद मंदी की मार से बेहाल मिठाई विक्रेताओं के लिए पांच दिवसीय दीपोत्सव पर्व संजीवनी दे गया। धनतेरस से लेकर दिवाली के दिन तक जिले भर में पांच करोड़ का मिठाई कारोबार होने का अनुमान है।
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गरीबों में बांटी मिठाई
रेहरिया। कथावाचक बलराम गुरदास ने दिवाली की रात इंद्रानगर, नंदापुर में रह रहे गरीबों में मिठाई बांटी। श्यामवीर, विपिन राठौर, आदित्य राज, टिंकू, मुनीष मौजूद रहे। संवाद

गोला के इंदिरा पार्क में दीया जलाते पदाधिकारी। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR

 

दिवाली पर रंगबिरंगी झालरों से जगमगाया शहर। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR

 

अलाय बलाय तापते नगरवासी। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR

 

दिवाली पर फुलझड़ी चलाते बच्चे। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR

 

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