लखीमपुर खीरी। दिवाली पर पटाखों की बिक्री के संबंध में इस बार नियमों को सख्त कर दिया गया है। एनजीटी के निर्देशों को शामिल करते हुए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने 12 नवंबर से 14 नवंबर 2020 तक आतिशबाजी बेचने की अस्थाई अनुमति दी है। दुकानों को लगाने के संबंध में भी मानक तय किए गए हैं। नाबालिग को आतिशबाजी की बिक्री पर रोक लगाई गई है। साथ में कोई वयस्क होने पर ही आतिशबाजी बेच सकेंगे। खुले पटाखों के प्रदर्शन और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। लाइसेंस धारक अधिकतम 25 किग्रा आतिशबाजी दुकान पर रख सकता है, जबकि किसी उपभोक्ता को 1.50 किग्रा से अधिक आतिशबाजी बिक्री नहीं की जाएगी।
आतिशबाजी की दुकानें पहले से चिह्नित स्थानों पर ही लगाई जाएंगी। दुकानें सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक खुली रहेंगी। डीएम ने चेतावनी दी है कि लड़ी माला सहित ऐसी आतिशबाजी जिसकी आवाज सीमा 125 डीबी से अधिक न हो, क्योंकि इसके उत्पादन, बिक्री और प्रयोग पर पहले से रोक लगाई जा चुकी है। जो इसका उल्लंघन करेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने सभी लोगों से अपील की है कि केवल विश्वसनीय एवं लाइसेंसधारक विक्रेता से ही आतिशबाजी खरीदें। आतिशबाजी को सुलगाने के लिए मोमबत्ती या अगरबत्ती का प्रयोग किया जाए। रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक आतिशबाजी नहीं करनी है। बुझे पटाखों को पुन: जलाने की कोशिश कतई न करें, बल्कि 15-20 मिनट इंतजार के बाद उसे पानी की बाल्टी में डुबा दें। डीएम ने बच्चों को आतिशबाजी के दौरान विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा है और बच्चों को जागरूक करने के लिए बीएसए को प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए हैं। संवाद