पलियाकलां। बीते करीब दो माह से पलिया ब्लाॅक क्षेत्र के करीब 10 गांवों में पंचायत सचिव न होने के चलते ग्रामीणों को जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ग्राम प्रधानों के सामने गांवों का विकास कार्य कराने की समस्या उत्पन्न हो रही है। प्रधानों का कहना है कि कई बार इसको लेकर उच्चाधिकारियों से वार्ता कर चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी ग्राम पंचायत सचिव की तैनाती गांवों में नहीं की गई है। इससे दिक्कतें आ रहीं हैं।
बता दें कि पलिया ब्लाॅक क्षेत्र की 10 ग्राम पंचायतों को बीते कई साल से एक पंचायत सचिव देख रहे थे। विवाद के बाद जांच होने व आरोपों को लेकर उनका तबादला कर दिया गया था। इसके बाद से पलिया की ये 10 ग्राम पंचायतें बिना सचिव के चल रही हैं। इन ग्राम पंचायतों की बात करें तो सरखना पूरब, पलिया खुर्द, बिजौरिया, चैरी में सचिव नहीं है। इसके अतिरिक्त बड़गांव, अतरिया, पतवारा और मरूआ पश्चिम, बसंतापुर कलां व बसंतापुर खुर्द आदि में भी पंचायत सचिव नहीं हैं।
इन ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए चक्कर काटना पड़ रहा है। करीब दो माह से पंचायत सचिव न होने से ग्राम प्रधानों को भी विकास कार्य कराने के लिए दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। प्रधानों का कहना है कि कई बार इसको लेकर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक इन ग्राम पंचायतों के लिए सचिवों की तैनाती नहीं की गई है। इस बारे में नवागत बीडीओ सर्वेश कुमार तिवारी ने बताया कि इसको लेकर बैठक की गई है और प्रस्ताव भी भेजे गए हैं। उम्मीद है कि एक-दो दिनों में यहां सचिव आ जाएंगें और उसके बाद उनको कार्यक्षेत्र में तैनात किया जाएगा।