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विकास भवन को भी लगी ‘ठंड’

Sat, 19 Dec 2015 07:16 PM IST
लखीमपुर खीरी
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जिले के विकास के लिए विकास भवन में स्थित सरकारी दफ्तरों की महत्वपूर्ण भूमिका है, यहीं से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए शासन द्वारा तय कार्य योजनाओं का संचालन किया जाता है, लेकिन यहां तो हालात ही अलग हैं। कई विभागों के अफसरों पर हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनाव की खुमारी छाई हुई है, वहीं तमाम अफसरों पर ठंड का असर है। वे जिला मुख्यालय पर मौजूद होने के बावजूद दफ्तर नहीं पहुंच रहे। अधिकारियों के नदारद होने के कारण संबंधित विभागों के कर्मचारी भी धूप सेकते नजर आते है।
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जिले में 1167 ग्राम पंचायतों में चुनाव संपन्न हो गया और यहां नए प्रधानों की घोषणा भी हो गई है। शासन/प्रशासन की मंशा है कि नई ग्राम पंचायतों के  गठन के बाद गांवों के विकास के लिए योजनाओं का संचालन शुरू किया जाए लेकिन यहां अफसरों पर ठंड का असर और पंचायत चुनाव की खुमारी कुछ इस तरह छाई हुई है कि ठीक तरह से अभी कामकाज पटरी पर नहीं लौट सका है। अमर उजाला ने शनिवार को विकास भवन में स्थित सरकारी दफ्तरों का मुआयना किया तो कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। पेश है विकास भवन की सुबह दस बजे के बाद की रिपोर्ट.....
जिला सहायक निबंधक सहकारिता
सुबह 10.15 बजे: एआर मंगल सिंह अपने दफ्तर में नहीं थे। दफ्तर के बाहर धूप सेक रहे कर्मचारियों को जब आभास हुआ तो वह अंदर चले गए। एआर के बाबत पूछने पर कर्मचारियों से उनके बारे में कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी।
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सहायक अभियंता लघु सिंचाई
सुबह 10.20 बजे: विकास भवन के भूतल में स्थित लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सीएल जायसवाल का दफ्तर भी खाली पड़ा था। कार्यालय में कुछ ही कर्मचारी मौजूद थे लेकिन किसी को सहायक अभियंता के बारे में जानकारी नहीं थी। एक कर्मचारी ने कहा कि वह खुद ड्यूटी से फुर्सत मिलने पर कई दिनों के बाद दफ्तर आया है।
जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय
सुबह 10.18 बजे: विकास भवन में जिला निबंधक और लघु सिंचाई के बाद तीसरा दफ्तर जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संतपाल वर्मा का है। पंचायत चुनाव की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद संतपाल वर्मा अवकाश पर हैं। उनके मौजूद न होने के कारण दफ्तर के कर्मचारी भी कहीं नजर नहीं आए।
जिला कृषि अधिकारी कार्यालय
सुबह 10.21 बजे: जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह अपने दफ्तर में नहीं मिले। एक कर्मचारी ने बताया कि वह संपूर्णानगर क्षेत्र में गेहूं का जमाव कम होने की जानकारी मिलने पर निरीक्षण करने गए हैं। अमर सिंह के दफ्तर में न होने के कारण उनके कार्यालय में तैनात तमाम कर्मचारी भी गायब थे।
जिला पंचायतीराज कार्यालय
सुबह 10.23 बजे: ग्राम पंचायतों से सीधे जुड़े जिला पंचायतीराज कार्यालय में डीपीआरओ सुधीर कुमार श्रीवास्तव अपने दफ्तर में कामकाज करते हुए दिखाई पड़े। उनका कहना था कि वह 10 बजे आफिस आ गए थे। उनके साथ दफ्तर के कर्मचारी भी मौजूद थे और पंचायतों के गठन संबंधी सूचनाएं एकत्र की जा रही थीं।
जिला विकास अधिकारी कार्यालय
सुबह 10.26 बजे: ग्राम पंचायत चुनाव में मतदान और मतगणना में व्यस्त रहे डीडीओ अनिल कुमार सिंह पर चुनाव की खुमारी है, वह कई दिनों से अवकाश पर हैं। बताया गया कि सोमवार को वह अवकाश से वापस लौटेंगे। डीडीओ के न होने के कारण कार्यालय के अन्य कर्मचारी दफ्तर के बाहर खड़े धूप सेंकते नजर आए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय
सुबह 10.28 बजे: द्वितीय तल पर स्थित बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के दफ्तर में झाड़ू लगाई जा रही थी, कुछ कर्मचारी दफ्तर में मौजूद थे, लेकिन डीपीओ सहित तमाम विभागीय कर्मचारी दफ्तर से नदारद थे। बताया गया कि डीपीओ जिला मुख्यालय पर मौजूद थे, लेकिन उस समय तक आफिस नहीं आए थे।
सहायक निदेशक मत्स्य कार्यालय
सुबह 10.30 बजे: सहायक निदेशक मत्स्य अनिल गुप्ता भी अन्य अधिकारियों की तरह दफ्तर नहीं पहुंचे थे। इनके यहां से मछली पालन और मछुआरों के कल्याण के लिए योजनाएं संचालित होती हैं। सहायक निदेशक के साथ-साथ कर्मचारी भी कहीं दिखाई नहीं पड़े।
कोई मीटिंग में तो कोई दौरे पर था
सरकारी योजनाओं से संबंधित बैठक में शामिल होने के लिए समाज कल्याण अधिकारी ओपी सिंह लखनऊ गए हुए थे, वहीं परियोजना निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह के बारे में बताया गया कि वह नकहा, ईसानगर और धौरहरा ब्लाक में दौरे पर गए हैं।
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