गोला गोकर्णनाथ। नगर पालिका परिषद में 17 सदस्यों के पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल का विरोध करने के कारण पिछले डेढ़ साल से विकास कार्य प्रभावित हैं। इधर एक तिहाई बहुमत और डीएम की अनुमति के बाद छह करोड़ के विकास कार्यों को हरी झंडी तो मिल गई, लेकिन एक सदस्य ने निर्माण कार्यों को रुकवाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली है। इससे विकास कार्यों के अधर में लटकने की आशंका से पालिका प्रशासन में अफरातफरी है।
नवंबर 2018 से पालिका के 17 सदस्यों के विरोध के कारण स्थानीय नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक नहीं हो पा रही है। सात मार्च 2020 को हुई बोर्ड बैठक में विरोधी खेमे के सदस्य वीरेंद्र कुमार की मौजूदगी से कोरम पूरा हो गया, जिससे छह करोड़ के विकास कार्यों के प्रस्तावों को हरी झंडी मिल गई। निर्माण कार्यों के प्रस्तावों को डीएम से भी अनुमति मिलने के बाद निविदा सूचना निकाली गई। टेंडर डालने की अंतिम तिथि चार जून घोषित की गई, लेकिन इस ठीक पहले पालिका सदस्य पंकज गुप्ता ने हाईकोर्ट में याचिका डालते हुए निर्माण कार्यों की प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने की मांग की है।
पालिका सदस्य पंकज गुप्ता का आरोप है कि सदस्य वीरेंद्र कुमार को धोखे में रखकर हस्ताक्षर करा लिए गए, जबकि अब तक 2019-20 का आय व्यय और 2020-21 का बजट पारित नहीं किया जा सका है। उन्होंने बिना बजट पास किए अनियमित रूप से निविदा स्वीकृति न करने की मांग ईओ और अध्यक्ष को पत्र लिखकर की है। साथ ही लिखा है कि यदि इसका बाद भी निविदा स्वीकृति कर निर्माण कार्य कराए जाते हैं तो उसका उत्तरदायित्व ईओ और अध्यक्ष का होगा।
भाजपा की सदस्यता लेने के बाद से मेरी ओर से कराए जा रहे कार्यों में अड़ंगा डाला जा रहा है। नियमानुसार कोरम पूरा होने के बाद ही विकास कार्यों के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। डीएम की अनुमति के बाद ही निविदा आमंत्रित की हैं। अनियमितता के आरोप निराधार हैं। - मीनाक्षी अग्रवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, गोला