लखीमपुर खीरी। मनरेगा भुगतान के मामले में खंड विकास अधिकारी मोहम्मदी का मनमाना रवैया देखने को मिला है। सीडीओ की ओर से दो नोटिस जारी करने के बाद भी बीडीओ ने नियम दरकिनार कर मनरेगा से एक करोड़ रुपये निकालकर खर्च कर दिए। भुगतान निकालने के अलावा बीडीओ ने नोटिस का जवाब भी नहीं दिया। ऐसे में सीडीओ ने शासन को पत्र लिखा, जिस पर आयुक्त ने विभागीय जांच शुरू करा दी है।
शासन ने मनरेगा में सामग्री मद का भुगतान भेजा था। निर्देश दिए थे कि वित्तीय वर्ष 2023-24 का बकाया भुगतान ही किया जाए। इसके बावजूद कई बीडीओ ने आदेश को दरकिनार करते हुए भुगतान कर दिया। भुगतान करने के मामले में बीडीओ बिजुआ, निघासन, लखीमपुर व मोहम्मदी के डोंगल राज्य स्तर से डिलीट किए जा चुके हैं। वहीं, भुगतान के मामले में मोहम्मदी में तैनात बीडीओ अश्वनी कुमार सिंह के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है।
शासन से भुगतान को लेकर आदेश जारी होने के बाद सीडीओ ने उन बीडीओ के भुगतान पर रोक लगा दी, लेकिन मोहम्मदी बीडीओ ने फिर भी भुगतान कर दिया। सीडीओ ने दो बार नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन जवाब नहीं दिया। इस पर सीडीओ ने चार्जशीट तैयार कर आयुक्त ग्राम्य विकास को भेज दी है।
सीडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि भुगतान पर रोक के बाद भी मोहम्मदी बीडीओ ने करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इस पर अब बीडीओ की विभागीय जांच शुरू हो गई है।