लखनऊ में आयोजित धरना प्रदर्शन में शामिल लखीमपुर खीरी की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। स्रोत स्वंय
- फोटो : स्टेडियम में महिला दिवस पर खेल प्रतियोगिता में प्रतिभाग करतीं खिलाड़ी।
लखीमपुर खीरी। पुलिस की सख्त निगरानी के बावजूद जिले से 150 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रविवार को लखनऊ के इको गार्डन में आयोजित आंदोलन में शामिल होने पहुंच गए। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस धरने में प्रदेश भर से हजारों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
इधर, आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने संगठन के जिलाध्यक्ष राखी पांडेय को उनके घर पर और महामंत्री कासिम को शारदानगर कोतवाली में करीब 30 घंटे तक नजरबंद रखा। दोनों को शनिवार सुबह करीब 10 बजे से रविवार शाम चार बजे तक पुलिस निगरानी में रखा गया। लंबे समय तक नजरबंद रहने के कारण पदाधिकारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संयुक्त मोर्चा का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा। इसी के चलते महिला दिवस पर प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाई गई थी।
मोर्चा की प्रमुख मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, वेतनमान लागू करने, भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता और मेडिकल अवकाश की सुविधा देने की मांग शामिल है। इसके अलावा रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष करने, न्यूनतम 20 हजार रुपये मानदेय, मोबाइल व रिचार्ज भत्ता देने और 1500 रुपये की प्रोत्साहन राशि को मानदेय में शामिल करने की मांग की गई है।
कार्यकर्ताओं ने यह भी मांग की कि किराये के भवनों में चल रहे केंद्रों का किराया बाजार दर के अनुसार सीधे भवन स्वामी के खाते में दिया जाए और केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही निजीकरण और आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करने तथा बीएलओ सहित अन्य विभागों के कार्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर न थोपे जाने की मांग उठाई।