जिले के नक्शे से बांकेगंज की मुख्य सड़क गायब होने पर प्रशासन संजीदा, डीएम ने शुरू कराई जांच
कस्बे की मुख्य सड़क नक्शे से गायब होने के मामले में प्रशासन संजीदा हो गया है। डीएम आकाशदीप ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
बांकेगंज कस्बे के बीच से गुजरने वाली सड़क का निर्माण पिछले करीब डेढ़ दशक से नहीं हुआ है। लोगों ने सड़क के निर्माण की बात उठाई तो लोक निर्माण विभाग और जिला पंचायत ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि यह सड़क तो उनके नक्शे में ही नहीं है। कस्बे के कौशल किशोर मिश्र, इरफान अली, भगवानदीन, डॉ जहीर अहमद, विनोद गोयल, अरुण मिश्र, रमेश्वर, भगवती प्रसाद, गेंदनलाल आदि बताते हैं कि करीब 20 साल पहले इस सड़क का निर्माण जिला पंचायत ने कराया था। इसके बाद निर्माण न होने से सड़क जर्जर हो गई। अमर उजाला में 16 मई को जिले के नक्शे से ही गायब हुई रोड शीर्षक से खबर छपी तो डीएम ने मामले को गंभीरता से लिया। डीएम की सख्ती के बाद लोक निर्माण, मंडी समिति, जिला पंचायत, क्षेत्र, ग्राम पंचायत, गन्ना समिति समेत कई विभाग और संस्थाओं ने इस सड़क को खोजने के लिए नक्शे और रिकार्ड खंगालने शुरू कर दिए। जिला पंचायत की माथापच्ची के बाद 1997-98 के दौरान विभाग के पुराने दस्तावेजों में इस सड़क का निर्माण कराया जाना पाया गया। इस बात की पुष्टि जिला पंचायत के जेई संजीव श्रीवास्तव ने की है। मार्केट के व्यापारियों और पटरी दुकानदारों ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत हर साल लाखों रुपये टैक्स वसूलता है। इसके बावजूद इस सड़क की ओर कोई ध्यान देने की विभाग ने कोई जरूरत महसूस नहीं की।
बांकेगंज कस्बे की मुख्य सड़क नक्शे में गायब होने का मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी और जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
आकाश दीप, डीएम