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हरदासपुर के लोगों ने किया मतदान का बहिष्कार

Sat, 17 Oct 2015 11:00 PM IST
खीरी टाउन
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थाना खीरी के गांव हरदासपुर में शहीद दरोगा मनोज मिश्र के परिवार वालों को इंसाफ न मिलने से नाराज लोगों ने शनिवार को मतदान का बहिष्कार किया। 1809 वोटर वाले इस मतदान केन्द्र पर शाम तक वीरानगी रही। प्रत्याशियों के एजेंट तक नहीं बने। शाम को पोलिंग पार्टिंयां बैरंग हो गईं। उधर गांव में चल रहे धरनास्थल पर पूरा गांव जुटा। पहली बार ऐसा मौका था, जबकि सभी बिरादरी के लोगों ने धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन किया। लोगों ने कहा, जब तक सीबीआई जांच की मांग नहीं मानी जाएगी, तब तक वे लोग वोट नहीं डालेंगे।
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जिले के गांव हरदासपुर निवासी दरोगा मनोज मिश्रा बरेली के थाना फरीदपुर में तैनात थे। 09/10 सितंबर की रात पशु तस्करों की सूचना पर जब वह गए तो उनकी शातिर पशु तस्कर जफरुद्दीन उर्फ मटरुआ ने हत्या कर दी थी। मामले में पुलिस ने मटरुआ समेत 15 पशु तस्करों को नामजद किया था। दूसरे दिन ही मटरुआ समेत तीन पशु तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई से परिवारीजन संतुष्ट नहीं हैं। वे घटना वाले दिन से ही सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर परिवारवाले 11 सितंबर को सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करते हुए सरकार के प्रतिनिधि को मौके पर आकर सीबीआई जांच कराने की घोषणा की मांग पर अड़ गए थे। तब डीएम किंजल सिंह ने मौके पर जाकर उनकी मांग शासन तक पहुंचाने और सीबीआई जांच कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया था, जिस पर परिवार वाले मान गए थे और तब शव का अंतिम संस्कार हुआ था। एक महीना बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 14 अक्तूबर से परिवारवालों ने गांव के लोगों के साथ सीबीआई जांच होने तक गांव में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया। साथ ही मतदान के बहिष्कार की भी घोषणा की, लेकिन प्रशासन नहीं चेता। नतीजतन शनिवार को हुए मतदान का गांव के सभी लोगों ने मिलजुलकर बहिष्कार कर दिया और शाम तक एक भी वोट नहीं पड़ा, जिसकी जिले से लेकर सोशल मीडिया तक पर जमकर चर्चा हुई।
डीएम किंजल सिंह ने कहा कि पंचायत चुनाव के लिए मतदान की व्यवस्था करना जिला प्रशासन का काम है न कि वोट डलवाना, इसलिए गांव हरदासपुर के लोगों से इस मसले पर बात करने का कोई औचित्य न था। जिसकी मर्जी हो वह वोट डाले, न हो तो न डाले, यह उनका अधिकार है।
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बरेली पुलिस पर भरोसा नहीं
धरनास्थल पर बैठे शहीद दरोगा मनोज मिश्रा के पिता श्याम मुरारी मिश्रा का कहना है कि उनके बेटे की ड्यूटी पर रहते हत्या कर दी गई। इससे ही घटना के पीछे बड़ी साजिश झलक रही है। उन्हें और पूरे गांव को बरेली की पुलिस पर भरोसा नहीं है। यदि सीबीआई जांच हो तो बेटे के हत्यारे पकड़े जाएंगे, तभी उसकी आत्मा को शांति मिलेगी।
गांव वाले बोले, सीबीआई जांच नहीं तो कभी नहीं डालेंगे वोट
गांव निवासी मोहर्रम अली बोले, मनोज हमारे गांव का बेटा था। उनकी पशु तस्करों ने हत्या कर दी, जिसकी सीबीआई जांच हो तभी घटना का खुलासा हो सकेगा और सभी हत्यारे जेल जाएंगे। इसी तरह गांव निवासी भीमशंकर अवस्थी, संजय अवस्थी, प्रभात मिश्रा, मुख्त्यार अली और अनुज वर्मा ने बताया कि बरेली पुलिस की जांच पर हम लोगों को भरोसा नहीं है। जब सीबीआई जांच होगी, तभी असली हत्यारे पकड़े जाएंगे और मनोज मिश्रा की आत्मा को शांति मिलेगी।
डीएम ने डीजीपी के पास भेजा था मांग पत्र
11 सितंबर को दरोगा का शव रखकर सड़क जाम करने के दौरान डीएम किंजल सिंह को परिवार वालों ने सीबीआई जांच कराने, परिवार के दो लोगों को नौकरी देने और 50 लाख का मुआवजे देने का मांग पत्र सौंपा था। डीएम ने बताया, वह मांग पत्र उन्होंने उसी दिन नियमानुसार डीजीपी के माध्यम से शासन को भेजा दिया था।
सोशल मीडिया पर छाया हरदासपुर प्रकरण
गांव हरदासपुर में बहिष्कार का मामला सोशल मीडिया पर छाया रहा। बसपा नेता लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने एक न्यूज चैनल पर चले मजहब के नाम पर मुआवजा कार्यक्रम की सराहना की, जिसमें शहीद दरोगा मामले में मुख्यमंत्री से सवाल किया गया है। इसे सैकड़ों लोगों ने लाइक किया और कमेंट दिए। इसी तरह तमाम लोगों ने इस मामले पर फेस बुक और ट्वीटर पर ट्विट किया।
क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि
वरुण गांधी बोले, नवरात्रि के बाद गृहमंत्री से मिलूंगा
भाजपा के राष्ट्रीय नेता और सुल्तानपुर से सांसद वरुण गांधी ने कहा है कि शहीद दरोगा मनोज मिश्रा की हत्या के मामले में सीबीआई जांच के लिए नवरात्रि बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर मांग उठाऊंगा। फिलहाल मेरा हरदासपुर के लोगों से अनुरोध है कि मामले को सांप्रदायिक रूप न दें।
सांसद बोले, प्रदेश सरकार नहीं दे रही ध्यान
खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी का कहना है कि दरोगा की हत्या अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन उनके परिवार वालों की मांग पर प्रदेश सरकार ध्यान नहीं दे रही है, जबकि सीबीआई जांच के लिए केन्द्र सरकार तैयार है। फिरभी परिवार वालों से मिलकर वह सीबीआई जांच के लिए हाईकोर्ट में रिट डलवाएंगे।
विधायक बोले, प्रदेश सरकार परिवार वालों के साथ
शहर विधायक उत्कर्ष वर्मा का कहना है कि प्रदेश सरकार दरोगा के परिवार वालों के साथ है। शातिर तस्कर सहित अधिकतर बदमाश घटना के तत्काल बाद पकड़े गए थे। इसके अलावा नियमानुसार परिवार वालों की मदद की जा रही है। फिलहाल परिवार वालों और गांव के लोगों को अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए था।
कब क्या हुआ
09/10 सितंबर : रात में बरेली के फरीदपुर थाने में तैनात दरोगा मनोज मिश्र की पशु तस्करों ने गोली मारकर हत्या की
10 सितंबर : शव का पोस्टमार्टम हुआ और उसी दिन थाना फरीदपुर बरेली में दरोगा की हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई
11 सितंबर : थाना खीरी के गांव हरदासपुर के पास सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया गया। मांग थी कि सरकार का प्रतिनिधि आए और सीबीआई जांच हो। डीएम के आश्वासन पर शव का अंतिम संस्कार किया गया
28 सितंबर : विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री संजय मिश्रा के साथ शहीद दरोगा के पिता श्याम मुरारी मिश्रा और परिवारीजन लखनऊ में राज्यपाल से मिले और सीबीआई जांच की मांग की
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30 सितंबर : राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को मामले में पत्र लिखा
14 अक्तूबर : सीबीआई जांच की मांग को लेकर परिवार ने गांव हरदासपुर में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया, जो जारी है

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