लखीमपुर खीरी। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर कांग्रेस जिला प्रवक्ता अमित गुप्ता ने रविवार को पर्ल ग्रुप व सहारा समूह को लेकर प्रेसवार्ता कर कहा कि इन कंपनियों में सैकड़ों लोगों का पैसा फंसा है, लेकिन भाजपा सरकार इस पर ध्यान तक नहीं दे रही। इसलिए चार जनवरी को जिले पर कांग्रेस धरना देगी।
उन्होंने कहा कि पर्ल कंपनी ने 18 साल में करीब 60 हजार करोड़ की राशि सामूहिक निवेश योजना से जुटाई। जबकि सेबी के अनुसार 31 मार्च 2021 तक पर्ल कंपनी ने पीएसीएल कंपनी के 12.7 लाख से अधिक निवेशकों से लिए 10,000 करोड़ में से सिर्फ 438 करोड़ ही वापस किए। अभी भी 9500 करोड़ रुपया फंसा है। सेबी के निर्देश के बाद भी निवेशकों को पैसा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इसी तरह सहारा ग्रुप ने सहारा इंडिया रीयल स्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड व सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के जरिये 2.25 करोड़ निवेशकों से करीब 24000 करोड़ रुपये उठाएं। इन पैसों का उपयोग कहां हुआ इसका कोई रिकॉर्ड तक नहीं। हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और सेबी के दखल के बाद भी निवेशक पैसा पाने के लिए भटक रहे हैं। इनमें गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों का सबसे ज्यादा पैसा हैं। इन कंपनियों के फर्जीवाड़े की चपेट में जिले के ही नहीं बल्कि प्रदेश के लाखों लोग प्रभावित हैं। परंतु सबका साथ सबका विकास का दावा करने वाली भाजपा सरकार ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। निवेशकों को उनका पैसा दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने संकल्प लिया है। इसके लिए चार जनवरी को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन होगा। जिला महामंत्री कमलजीत सिंह, जिला सचिव राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, कार्यालय प्रभारी रवि गोस्वामी मौजूद रहे।