दो और विभागों ने मांगों के लिए खोला मोर्चा
- कलक्ट्रेट कर्मचारी ओर डिप्लोमा फार्मासिस्ट ने सौंपे ज्ञापन
जिले में शुक्रवार को लगातार धरना प्रदर्शन हुए। कई दिनों से धरना दे रहे लेखपाल संघ, आंगनबाड़ी संघ के अलावा डिप्लोमा फार्मासिस्ट और कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने भी धरना प्रदर्शन किया। जल्द मांगे पूरी न होने पर आगे भी बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी। इसके अलावा सीएचसी पर संविदा कर्मियों ने हड़ताल की है।
उत्तर प्रदेशीय मिनिस्टीरियल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने लंबित मांगों के पूरा न होने पर शुक्रवार को संयुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। अध्यक्ष अजय वाजपेयी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने पहले दफ्तरों पर तालाबंदी कर दी, जिसके बाद अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में अध्यक्ष अजय वाजपेयी और मंत्री कमाल अहमद ने 13 सूत्री मांगे रखी हैं। साथ ही 21 सितंबर 2016 को सुबह नौ बजे राजस्व परिषद लखनऊ में घेराव करने की चेतावनी दी है।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने सीएमओ कार्यालय के बाहर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया, जिसमें पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, क्षय रोग केंद्र, पुलिस चिकित्सालय में कार्यरत फार्मासिस्टों ने हिस्सा लिया। सदस्यों ने वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग रखी है। मंत्री डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री से मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई है। तब तक 10 सितंबर से 15 सितंबर 2016 तक काला फीता बांधकर विरोध जताएंगे। 16 सितंबर से 19 सितंबर तक सुबह दो घंटे कार्य बहिष्कार करेंगे। इसके बाद 20 सितंबर 2016 से सभी फार्मेसिस्ट अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ का 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। विलोबी मेमोरियल परिसर में रामकुमार दीक्षित, अजय कुमार, दाताराम वर्मा ने लेखपालों को संबोधित किया। प्रदर्शन के दौरान किसी लेखपाल का उत्पीड़न होने पर आर-पार की लड़ाई का एलान करते हुए पदाधिकारियों ने संघर्ष करने का आह्वान किया। प्रदर्शन में अतुल वाजपेयी, श्यामकिशोर श्रीवास्तव, महेंद्र प्रताप, विजय भार्गव, कौशल वर्मा, समदत्त दीक्षित आदि लेखपाल शामिल हुए।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी है, जिसमें शुक्रवार को वर्कर ने भैंस के आगे बीन बजाकर प्रदेश सरकार पर तंज कसे। वर्करों ने राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने से लेकर अन्य मांगे पूरी न होने तक धरना प्रदर्शन जारी रखने का एलान किया।