कॉरिडोर में निर्णय आने के बाद ध्वस्त कराया जा रहा आवास। संवाद
गोला गोकर्णनाथ। नगर के निर्माणाधीन कॉरिडोर में न्यायिक प्रक्रिया के चलते एक वर्ष से फंसे आवासीय निर्माण को तहसील प्रशासन ने ध्वस्त करा दिया। स्वामित्व का दावा करने वाली महिला ने प्रशासन की कार्रवाई पर रोष व्यक्त किया।
मंगलवार की देर शाम एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी, तहसीलदार भीमचंद एवं पुलिस की मौजूदगी में आवासीय निर्माण को ध्वस्त करा दिया गया। दिसंबर 2024 में ध्वस्तीकरण के तहत तीर्थ के पूर्वी किनारे के सामने जिला पंचायत की भूमि पर बनी दुकानों एवं आवासीय निर्माण को हटाया गया था। इस अभियान के खिलाफ एक आवास पर स्वामित्व का दावा करने वाली बिंदू शाह ने मुआवजे की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके चलते उनके स्वामित्व वाले आवास का ध्वस्तीकरण न्यायिक प्रक्रिया के चलते रोक दिया गया था। एक वर्ष बाद मंगलवार को तहसील प्रशासन ने हटवा दिया है।
बिंदु शाह ने तहसील प्रशासन पर आरोप लगाया कि विवाद हाईकोर्ट में अभी विचाराधीन है। इसके बावजूद भी प्रशासन ने मनमानी करते हुए कार्रवाई की है।
वर्जन
स्वामित्व को लेकर हाईकोर्ट में याचिका डाली गई थी। उसका निर्धारण करने के लिए हाईकोर्ट ने एसडीएम न्यायालय को निर्देशित किया था। पूरे मामले को सुनने के बाद अवैध निर्माण को हटा दिया गया है।
भीमचंद तहसीलदार गोला