गोला गोकर्णनाथ। आरोग्य भारती के पदाधिकारियों ने फास्ट फूड के हानिकारक प्रभावों और उसके नियंत्रण के लिए एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी को ज्ञापन दिया।
बताया कि फास्ट फूड में कैलोरी, चीनी, वसा और नमक की मात्रा अधिक होती है। इससे मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। बच्चों और किशोरों को आकर्षित करने वाले विज्ञापनों के कारण उनकी खाने की आदतें खराब हो रही हैं। इससे वे अस्वस्थ खानपान की ओर बढ़ रहे हैं। फास्ट फूड कम पौष्टिक होता है और शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान नहीं करता। इससे आलस्य और एकाग्रता में कमी आती है।
रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और चीनी ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाते हैं। इससे डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। ज्यादा नमक और सेचुरेटेड फैट से ब्लड प्रेशर बढ़ता है। इसके अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और नसें सख्त हो जाती हैं, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। विद्यालयों और उनके आसपास फास्ट फूड की बिक्री और प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई। फास्ट फूड के भ्रामक और आक्रामक विज्ञापनों को नियंत्रित करने, विशेषकर बच्चों को लक्षित करने वाले विज्ञापनों पर भी रोक लगाने के लिए भी मांग की गई।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष प्रवीण गुप्ता, महिला प्रमुख सविता वाजपेई, सचिव रामेंद्र शुक्ला, रविता लांबा, सुशील वर्मा, संदीप अवस्थी, अमित गौतम आदि मौजूद रहे।