लखीमपुर खीरी। महिलाएं अब परिवार की आजीविका पर आश्रित नहीं हैं, बल्कि खुद का कारोबार खड़ा कर परिवार का सहारा बन रही हैं। एक या दो नहीं, बल्कि हजारों ऐसी महिलाएं हैं, जो अपने दम पर नाम के साथ ही दाम कमा रही हैं।
चाहे लोगों को फिटनेस व बॉडी बिल्डर बनाने के लिए जिम का कारोबार हो या खाद्य पदार्थों की ऑनलाइन डिलीवरी। कुछ ने दोना-पत्तल तो किसी ने सिलाई-कढ़ाई के अपने हुनर से अपनी पहचान बनाई है।
मोहल्ला बहादुर नगर निवासी सौम्या वाजपेई का सौजन्या चौराहे के पास फिटनेस सेंटर (जिम) है। सौम्या खुद राष्ट्रीय स्तर की पाॅवर लिफ्टर हैं, जो राज्य स्तर पर गोल्ड मेडल भी जीत चुकी हैं। वैसे तो सौम्या हरदोई के मोहल्ला आजाद नगर की रहने वाली हैं। उनकी यहां ससुराल है।
हरदोई में भी वे अपना जिम चलाती थीं, जहां खुद प्रैक्टिस करने के साथ ही अन्य युवतियों को भी पाॅवर लिफ्टिंग की ट्रेनिंग देती थीं। शादी के बाद ससुराल आईं लेकिन उन्होंने अपने अरमानों को मरने नहीं दिया और परिवार की मदद से खुद का फिटनेस सेंटर खोला और आय का जरिया बनाया। साथ ही वे काफी महिलाओं व युवतियों को फिट रहने में मदद करती हैं।
ज़मेटो व स्विगी के माध्मय से लोगों तक पहुंच रहीं भोजन
-मोहल्ला ईदगाह निवासी प्रिंसी गुप्ता ने युवा उद्यमी योजना से पांच लाख का ऋण लेकर स्वाद किचन का काम शुरू किया। जमेटो व स्विगी के माध्यम से अपने कारोबार को जोड़ा। अब पति भी इनके साथ हाथ बंटा रहे हैं। प्रिंसी ने बताया कि धीरे-धीरे उनका कारोबार बढ़ रहा है।
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दोना-पत्तल ने बढ़ाई इनकम
-सदर ब्लाॅक के ढुसरू निवासी मुस्कान वर्मा पहले घर के ही काम तक सीमित थीं। अब उन्होंने दोना-पत्तल बनाने का काम शुरू किया गया, जो अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। अब ऑर्डर भी मिलने लगे हैं। घर के काम से जब फुर्सत मिलती है तो वे दोना-पत्तल बनाने का काम करती हैं।
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युवा उद्यमी योजना के तहत अब तक 1290 युवाओं का रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया गया है, जिसमें काफी महिलाएं भी हैं। वे अच्छा काम कर अपनी पहचान बना रही हैं।
-उज्जवल सिंह, उपायुक्त उद्योग
सौम्या वाजपेई अपने फिटनेस सेंटर पर। स्रोत : स्वयं