लखीमपुर खीरी। जिले के मेधावियों ने नीट में सफलता हासिल कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। पलियाकलां की रिया गुप्ता ने ऑल इंडिया 16239वीं और प्रदेश में 7632वीं रैंक हासिल की। उनके पिता स्व. हरीश गुप्ता का कैंसर से निधन हो गया था। इसके बाद मां गीता गुप्ता ने विषम परिस्थितियों में उनका पालन-पोषण और पढ़ाई कराई। चिकित्सक बनने का सपना देख रहीं रिया ने दिन-रात मेहनत कर सफलता पाई। भाजपा नेता रवि गुप्ता ने टीम के साथ घर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ अध्यापक सतीश गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, नीतांशु गुप्ता, यश गुप्ता, आकाश गुप्ता और अग्रिम गुप्ता मौजूद रहे।
गोला गोकर्णनाथ के श्री राजेंद्र गिरि मेमोरियल एकेडमी के पुरातन छात्र ग्राम घरथनिया निवासी अनुदेश मोहन मिश्र ने भी नीट में सफलता हासिल की। उनके पिता ललित मोहन मिश्र और माता अर्चना देवी शिक्षक हैं। विद्यालय के प्रबंध निदेशक एवं गोला विधायक अमन गिरि ने अनुदेश और उनके माता-पिता को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान प्रधानाचार्य आलोक मिश्र, डायरेक्टर मोहित पुरी, सुशील कुमार शुक्ल, शशिकांत मिश्र, अतुल गुप्ता, संगम गुप्ता, कौशल अवस्थी, सुनील वाजपेई, कमाल अहमद, जगदीश अवस्थी और विकास शुक्ल मौजूद रहे।
कृषक समाज इंटर कॉलेज के पूर्व छात्र अतीक अहमद के पुत्र फैज अहमद ने नीट में 720 में 619 अंक प्राप्त किए। सोमवार को प्रधानाचार्य आनंद प्रकाश सरोज और प्रबंधक रवि प्रकाश वर्मा ने उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। देवेंद्र सिंह, जीव विज्ञान प्रवक्ता लखपति भारती, डॉ. अनिल कुमार, अशोक कुमार वर्मा और हिंदी प्रवक्ता ओम प्रकाश यादव ने शुभकामनाएं दीं।
विद्या कुंवरि स्मारक सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज की पुरातन छात्रा स्मृति सिंह ने घर पर तैयारी कर नीट में 720 में 577 अंक, अखिल भारतीय स्तर पर 19260वीं और ओबीसी वर्ग में 9130वीं रैंक हासिल की। प्रधानाचार्य महेंद्र त्रिपाठी और मधु त्रिपाठी ने बताया कि इसी वर्ष लंबी बीमारी से स्मृति के पिता अमरीश सिंह का निधन हो गया था, लेकिन उन्होंने हौसला नहीं छोड़ा। प्राचार्य महेंद्र कुमार त्रिपाठी और बालिका विभाग की प्राचार्य मधु त्रिपाठी ने उन्हें चांदी का मेडल देकर सम्मानित किया।
लखीमपुर शहर के मोहल्ला प्यारेपुर निवासी जहीर अहमद के पुत्र जुनैद अहमद ने ऑल इंडिया 17000वीं रैंक हासिल की। परिजनों और शुभचिंतकों ने खुशी जताई। जुनैद डॉक्टर बनकर गरीब और जरूरतमंद लोगों की निशुल्क सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और नियमित मेहनत को दिया।
नीट में चयनित होने के लिए स्मृति सिंह को चांदी का मेडल देकर मिठाई खिलातीं प्रधानाचार्य। संवाद
नीट में चयनित होने के लिए स्मृति सिंह को चांदी का मेडल देकर मिठाई खिलातीं प्रधानाचार्य। संवाद
नीट में चयनित होने के लिए स्मृति सिंह को चांदी का मेडल देकर मिठाई खिलातीं प्रधानाचार्य। संवाद