परिवारवालों गा आरोप, बदमाशों की पिटाई से मरा
भीरा थाना क्षेत्र में घर से खेतों की ओर शौच गया एक ग्रामीण बेहोशी की हालत में गांव से कुछ दूरी पर मिला है। गांववालों की माने तो बदमाशों की पिटाई से उसकी मौत हुई है। हालांकि पुलिस मामले में मौत की वजह शराब का सेवन बता रही है। वहीं गांव में इसी दौरान बदमाशों का ग्रामीणों से आमना-सामना भी हुआ, लेकिन बदमाश फरार हो गए। मौत की वजह जानने को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
भीरा थाना एवं पुलिस चौकी बिजुआ क्षेत्र के हर्रैया गांव का मामला है। हर्रैया गांव का रामसागर बुधवार की रात को शौच को गांव से कुछ ही दूरी पर गया था। काफी देर तक रामसागर वापस नहीं आया, इस बीच गांव वालों एवं पत्नी की के मुताबिक उत्तर दिशा से किसी के बचाओ-बचाओ की आवाज आने पर जब गांव वाले मौके पर पहुंचे तो रास्ते में रामसागर बेहोशी की हालत में पड़ा था, उसकी चप्पल एवं डिब्बा उससे दूर अलग-अलग पड़े थे। लोगों ने अंदाजा लगाया कि बदमाशों ने रामसागर की पिटाई की होगी। रामसागर को लोग घर पर लादकर लाए तो देखा की उसकी मौत हो गई है। बदमाशों की मौजूदगी की खबर सुनकर लोग चौकन्ने हो गए, इसी दौरान गांव के पश्चिम दिशा में लोगों ने कुछ अज्ञात लोगों को खेतों की तरफ से गांव में आते देखकर उनका पीछा भी किया। लेकिन बदमाश फरार हो गए। गांव में बदमाशों की पिटाई से एक की मौत होने की सूचना पर यूपी 100 पहुंची जरूर लेकिन उसने रामसागर के घर जाना तक जरूरी नहीं समझा। बाद में मौत की सूचना पर पहुंची चौकी पुलिस उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर आई। यहां पर डाक्टरों ने भी उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि पुलिस की माने तो शराब का सेवन रामसागर की मौत का कारण बना है।
रात भर बदमाशों की आहट पर लोगों में रही दहशत
बिजुआ। हर्रैया गांव में बदमाशों की मौजूदगी की खबर सुनकर पूरे इलाके मं दहशत फैल गई, लोग रात को ही फोन से एक दूसरे से बदमाशों की टोह लेते रहे। इस दौरन कई बार लोगों ने अन्य पास के गांव में भी बदमाशों की मौजूदगी के दावे किए जाते रहे। बताते चलें कि पांच दिन पूर्व इसी जगह पर बदमाश एवं पुलिस का आमना सामना हुआ था, जिसके बाद बदमाश पुलिस के सामने से ही टहलते चले गए थे। बुधवार की घटना में एक ग्रामीण की मौत में पुलिस बदमाशों की मौजूदगी से इंकार भले करे, लेकिन आए दिन बदमाश अपनी उपस्थित दर्ज करा देते हैं।
रामसागर की मौत शराब पीने से हुई है। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वहीं गांव में बदमाशों की मौजूदगी के कोई प्रमाण नही मिले हैं।
नर्देश्वर तिवारी- एसओ भीरा।
मेरे पति शौच को गए थे। इस दौरान उनके मदद की पुकारने की आवाज सुनकर दर्जनों गांव वाले पहुंचे थे। अगर उनके साथ कोई हादसा नहीं हुआ तो वह तेज आवाज में खुद को बचाने की मदद को क्यों पुकार रहे थे।
कलावती- मृतक की पत्नी।