लखीमपुर खीरी। शहर की डीसी रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी में युवक की हत्या कर दी गई। शनिवार को सुबह खून से लथपथ शव उसी के कमरे से बरामद हुआ। उसकी नाक के दाहिनी ओर चोट का निशान था तो फर्श पर पड़ा खून पूरी तरह से जम चुका था। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उसकी हत्या करीब 48 घंटे पहले की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से मौत का कारण सामने आया है।
देवरिया निवासी अरविंद लाल गौतम ने बताया कि वह बिजली मिस्त्री है। पत्नी और बच्चों के साथ मोहल्ला सिकटिहा में किराये के मकान में रहते हैं। मंझिला भाई अजीत प्रताप लाल उर्फ डब्बू (32) डीसी रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी के चौथी मंजिल पर ब्लॉक तीन के कमरा नंबर 45 में अकेले रहकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था। शनिवार की सुबह देर तक जब भाई के कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों ने आवाज लगाई, लेकिन कोई हरकत नहीं हुई। पड़ोसी की सूचना पर अरविंद लाल गौतम मौके पर पहुंचे। अरविंद ने पहले दरवाजा पीटा, लेकिन कोई आवाज नहीं आई। आशंका होने पर जब बालकनी की तरफ गए तो देखा उसका दरवाजा खुला था। कमरे के अंदर शव दीवार से सटा पड़ा था। पेट से ऊपर का हिस्सा चारपाई के नीचे था। फर्श पर फैला खून काला और पूरी तरह से जम चुका था। शव से करीब दो मीटर दूरी पर तख्त के किनारे की दीवार पर भी खून के काफी छींटे पड़े थे। सूचना पर एएसपी अरुण कुमार सिंह, सीओ सिटी विजय आनंद और प्रभारी निरीक्षक सदर अजय मिश्र मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बालकनी के रास्ते जाकर अंदर से बंद दरवाजा खोला। शव की नाक पर दाहिनी ओर चोट लगी थी। शरीर पर अन्य कोई जाहिराना निशान नहीं था। आशंका जताई जा रही है कि हत्यारों ने बालकनी के रास्ते आकर उसके सिर पर कोई वजनदार वस्तु से प्रहार कर हत्या की। शव तख्त और बालकनी के बीच डालकर बालकनी के रास्ते ही हमलावर भाग निकले। दीवारों पर पड़े खून के छींटों से साफ है कि हत्यारों और अजीत प्रताप लाल के बीच संघर्ष भी हुआ। उसकी हत्या किसने और क्यों की। इस बारे में कोई कुछ नहीं बता पा रहा है। सभी का कहना है कि अजीत काफी मिलनसार और व्यावहारिक इंसान था। उसकी किसी से कोई रंजिश भी नहीं थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
... तो क्या हत्यारों ने शादी का उठाया फायदा
लखीमपुर खीरी। कांशीराम कॉलोनी निवासी अजीत प्रताप लाल जिस ब्लॉक में रहता था। बृहस्पतिवार की रात उसी ब्लॉक में निचले तल पर एक परिवार में शादी समारोह था। रात 10 बजे तक अजीत अपने मकान की छत पर देखा गया। उसके बाद किसी को वह नजर नहीं आया। आशंका जताई जा रही है कि हत्यारों ने शोर शराबे और भीड़भाड़ का फायदा उठाते हुए हत्या की और भाग निकले।
ब्लॉक तीन के जिस फ्लोर पर अजीत रहता था। वह कमरा उसके भाई अरविंद लाल के नाम एलाट है इस फ्लोर पर चार परिवार रहते हैं। अजीत की अभी शादी नहीं हुई थी। अजीत बच्चों को घर-घर जाकर ट्यूशन पढ़ाकर अपना खर्च चलाता था। आसपास के लोगों ने बताया कि जिस ब्लॉक में अजीत रहता था उसी ब्लॉक में नीचे रह रहे एक परिवार में बृहस्पतिवार की शाम शादी थी। शोरशराबा और काफी भीड़भाड़ थी। यहां बता दें कि इस ब्लॉक में सभी कमरे पास-पास हैं, इसके बाद भी किसी को अजीत के साथ हुई अनहोनी की भनक तक नहीं लगी। ब्लॉक के लोगों ने न तो किसी को आते देखा है, न ही जाते। पुलिस ने आशंका है कि भीड़भाड़ और शोर-शराबे का हत्यारों ने फायदा उठाया और हत्या को अंजाम दिया।
फिंगर एक्सपर्ट ने जुटाए फोरेंसिक साक्ष्य
सदर कोतवाली पुलिस की सूचना पर फील्ड यूनिट की टीम मौके पर पहुंची। टीम के फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट ने दरवाजों, खिड़कियों और कमरे में मौजूद उंगलियों आदि के फोरेंसिक नमूने लिए। कमरे से मृतक का मोबाइल बरामद हुआ है, जिसे पुलिस ने कब्जे में लिया है।
पुलिस खंगालेगी बैंक खाते और मोबाइल
मृतक अजीत की मर्डर हिस्ट्री सुलझाना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। पुलिस ने कई पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है। अजीत के बैंक खातों को भी खंगाला जा रहा है। साथ ही मोबाइल की कॉल डिटेल निकालकर हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
युवक का शव उसी के घर से बरामद हुआ है। घर का दरवाजा अंदर से बंद था। उसकी नाक पर चोट है। उसी से खून निकला है। अभी कुछ साफतौर पर कुछ कह पाना मुश्किल है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने पर ही मौत का कारण साफ हो सकेगा। - अरुण कुमार सिंह, एएसपी