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Lakhimpur Kheri News: जर्जर स्कूल भवनों में खतरा भी माैजूद

Sat, 08 Aug 2026 12:28 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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नौरंगाबाद प्राथमिक विद्यालय का जर्जर भवन। संवाद
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लखीमपुर खीरी। जिले में जर्जर परिषदीय स्कूल भवनों को लेकर विभाग के दावों और जमीनी हकीकत में अंतर नजर आ रहा है। विभाग 243 जर्जर भवन ध्वस्त कराने का दावा कर रहा है, लेकिन पड़ताल में कई जगह जर्जर भवन अब भी खड़े मिले।
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कहीं ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अधूरी है तो कहीं बरसात के बीच बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा चिंता बनी हुई है। शहर का नौरंगाबाद प्राथमिक विद्यालय वर्षों से जर्जर बताया जा रहा है। भवन में सरिया तक बाहर दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां कक्षाएं भी संचालित होती हैं। बरसात के दौरान हादसे का डर बना रहता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भवन के ध्वस्तीकरण का टेंडर हो चुका है और जल्द कार्रवाई होगी।
तिकुनिया क्षेत्र में भी जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण में देरी बनी हुई है। सिंगाही कस्बे के वार्ड तीन स्थित बाढ़ियन टोला प्राथमिक विद्यालय परिसर में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का जर्जर भवन अब भी खड़ा है। शासन ने निष्प्रयोजित और खतरनाक भवनों की नीलामी कर ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए हैं, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राओं का इन भवनों के आसपास आवागमन रहता है। सभासद प्रतिनिधि सूरज कनौजिया, पूर्व सभासद जय कुमार सिंह, राजू गुप्ता और विपिन कनौजिया ने नीलामी प्रक्रिया पूरी कर जल्द ध्वस्तीकरण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से प्रभावी कदम उठाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
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गोला-कुंभी ब्लॉक के ग्राम अहिरी स्थित संविलियन विद्यालय में बृहस्पतिवार को कक्षाएं चलने के दौरान खिड़की का छज्जा गिर गया। हादसे में शिक्षक अजीत सिंह पटेल घायल हो गए। ग्राम प्रधान ने बूंदाबांदी के दौरान छज्जा गिरने की पुष्टि की।

मोहम्मदी के खंड शिक्षा अधिकारी शशांक सिंह ने बताया कि क्षेत्र में 13 विद्यालय जर्जर हैं। इनमें तीन संविलियन विद्यालय शामिल हैं। दो बार नीलामी हो चुकी है। तीसरी नीलामी के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।

निघासन के खंड शिक्षा अधिकारी धर्मेश कुमार यादव ने बताया कि 52 विद्यालयों के जर्जर भवनों, अतिरिक्त कक्षों और किचन के ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव भेजा गया था। इनमें 30 भवनों को मंजूरी मिली। अब तक 24 ध्वस्त किए जा चुके हैं। चार भवनों की नीलामी नहीं हो सकी है। 22 भवनों की अनुमति लंबित है। 10 अन्य भवनों के मूल्यांकन का प्रस्ताव दोबारा भेजा गया है।

किसी भी जर्जर विद्यालय में कक्षाएं संचालित नहीं हो रही हैं। जर्जर भवनों का पीडब्ल्यूडी या अन्य इंजीनियरिंग विभाग से सर्वे कराया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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- प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए

नौरंगाबाद प्राथमिक विद्यालय का जर्जर भवन। संवाद

नौरंगाबाद प्राथमिक विद्यालय का जर्जर भवन। संवाद

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