बिझौली। रजागंज करनपुर बाजार में आयोजित धनुष यज्ञ मेले के अवसर पर कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। सम्मेलन में कवियों ने देशभक्ति, सामाजिक सरोकार और जीवन दर्शन से जुड़ी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कवि सम्मेलन की 25वीं वर्षगांठ पर केक काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इससे पहले मुख्य अतिथि पूर्व विधायक रामसरन, मेला प्रबंधक बब्बू मेहरोत्रा तथा विशिष्ट अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेशचंद्र कनौजिया ने मां शारदे का पूजन-अर्चन किया।
कार्यक्रम में कवि अमित कैथवार ने पंक्तियां पढ़ीं- हमारे जिस्म का कोई भी हिस्सा काट कर देखो, हमारी नस-नस में हिंदुस्तान बहता है, जिसे खूब सराहना मिली। लखीमपुर से आए कवि विशेष शर्मा ने अपनी व्यंग्यात्मक रचना बीत जैहै वो जमाना ना पईहो, केला के पत्ते पर खाना ना पईहो” से श्रोताओं को हंसाया।
गोला से आए कवि कन्हैया सिंह और करनपुर के कवि गिरजाशंकर ने अपनी रचनाओं से समां बांधा। कवि कमल पांडे ने कहा-हम राम के हैं, हम नबी के हैं, हम कवि हैं, हम सभी के हैं और करतन-मन-धन सब जिसने रामनाम पर वारा है, ऐसे राम भक्तों को शत-शत नमन हमारा है।
कवि मिथिलेश शुक्ल विदेह ने अपनी रचना के माध्यम से समाज को संदेश देते हुए कहा- आदर्शों के पथ पर चलके जग में नूतन पहचान बनो, बेबस, गरीबों, लाचारों के बन सको तो मृदुल मुस्कान बनो।
कवि सम्मेलन में प्रमोद वर्मा, राज किशोर सिंह राजू, सामलिया प्रसाद, शिवदर्शन लाल वर्मा, बुद्धि प्रकाश, लकी शुक्ला उपस्थित रहे।