लखीमपुर खीरी। लॉकडाउन के चलते नवरात्र पर नवमी को न तो भक्त मंदिरों में देवी की उपासना कर सके और न ही कन्याओं को भोज करा सके। कोरोना के खौफ से मंदिरों से लेकर लोगों के घरों तक सन्नाटा रहा। श्रद्धालुओं ने भी जागरूक होकर मां की जैसी इच्छा मानकर कन्या भोज कराना उचित नहीं समझा। कुछ भक्तों ने परंपरा का निर्वहन करते हुए सामाजिक दूरी का पालन करते हुए घर की बेटियों को ही भोज कराकर व्रत का पारायण किया। सदियों पुरानी परंपरा का पालन न हो पाने से महिलाएं ज्यादा आहत दिखी।
न तो नवरात्र पर मंदिर जा सके और न ही कन्याओं को भोज करवा सके। घर पर ही हवन पूजन किया। ऐसे में कन्याओं को बुलाना उचित भी नहीं था।
-पूनम मिश्रा निवासी बाजपेई कॉलोनी
सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए घर की बेटियों को ही भोज कराकर व्रत का पारायण किया। जबकि पहले नौ दिन व्रत रखकर नौ कन्याओं केे भोज कराने के बाद ही व्रत तोड़ते थे।
-रेनू श्रीवास्तव, मोहल्ला काशीनगर