लखीमपुर खीरी। स्वामी विवेकानंद जयंती रविवार को जिले भर में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई। स्कूलों में कार्यक्रम कर छात्रों को उनके जीवन परिचय की जानकारी दी गई। गायत्री शक्तिपीठ पर संगोष्ठी कर युवाओं को सम्मानित किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने विवेकानंद के कहे कथन-‘उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य न प्राप्त हो जाए’को आत्मसात करने पर बल दिया।
श्री वेदमाता गायत्री शक्तिपीठ पर रविवार को राष्ट्रीय युवा दिवस पर संगोष्ठी हुई। शुभारंभ मुख्य अतिथि यतीश चंद्र शुक्ला एवं गायत्री परिजन आनंद प्रकाश शुक्ल ने दीप जलाकर किया। गायत्री परिजनों ने युवाओं को व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण एवं समाज निर्माण के लिए गायत्री परिवार के विचारों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। इसमें तीन बार वर्ल्ड रिकार्ड बना चुके यतीश चंद्र शुक्ला एवं माता भगवती देवी भोजन प्रसाद सेवा से जुड़े युवाओं को सम्मानित किया गया। यतीश चंद्र शुक्ल ने कहा कि 2020 युवाओं का वर्ष है। इसमें युवाओं को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ना होगा। जिला समन्वयक रामखेलावन निषाद ने युवाओं को सेवा भाव का संकल्प दिलाया। लवकुश वर्मा, मुरलीधर वर्मा, पंकज तपाडिया, अनुराग मौर्य, प्रिंश रंजन आदि मौजूद रहे।
रामकृष्ण सेवाश्रम की ओर से आदर्श विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में युवा सम्मेलन हुआ। इसमें 100 से अधिक युवा छात्रों ने प्रतिभाग किया। रामकृष्ण सेवाश्रम सचिव अनूप सक्सेना ने कहा कि युवा स्वयं अपने भाग्य का निर्माता है। वह जो चाहे बन सकता है। इसलिए सारा उत्तरदायित्व अपने कंधे पर लेकर स्वयं अपने भाग्य का निर्माण करें। अजय सक्सेना ने कहा कि जातिवाद, धर्मवाद से हटकर राष्ट्र का निर्माण करने के लिए सभी को आगे आना होगा। कॉलेज प्रबंधक डॉ. केके वर्मा, प्रवीण कुमार सिंह, जेपी सिंह, रामगोपाल सक्सेना, प्रदीप कुमार मौजूद रहे। संचालन शिक्षक अजय मिश्रा ने किया।
सरस्वती शिशु मंदिर में पुरातन छात्र सम्मेलन हुआ। इसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। भारत विकास परिषद के जेएन तिवारी, दिव्यांशु अग्रवाल, हिमाद्री श्रीवास्तव, प्रवीण प्रकाश बरनवाल, श्याम बल्लभ शुक्ल आदि मौजूद रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लोगों ने विवेकानंद के चित्र को माला पहनाकर जयंती मनाई। सीतापुर विभाग संयोजक एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पुष्पेंद्र बाजपेई ने विवेकानंद के बारे में जानकारी दी।
आरएम ज्ञान दायिनी इंटर कॉलेज में युवा जागरूकता गोष्ठी हुई। उद्घाटन प्रबंधक राकेश वर्मा ने किया। उन्होंने छात्रों को स्वामी जी के विचारों पर चलकर भारत का भविष्य निर्मित करने का संकल्प दिलाकर उनकी भारत एवं विश्व यात्रा सहित शिकागो सम्मेलन के बारे में जानकारी दी। प्रधानाचार्य अनुपम मिश्रा, आनंद मिश्रा, कामिनी वर्मा, मीना, प्रतिभा, सोनू वर्मा आदि मौजूद रहे।
लालपुर स्टेडियम में आयोजित गोष्ठी में जिला क्रीड़ा अधिकारी सुनील भारती ने खिलाड़ियों एवं मौजूद लोगों को स्वामी जी के जीवन परिचय की जानकारी दी। अजय कुमार, राजकुमार, वीर सिंह, महेश कुमार, रमेश कुमार आदि मौजूद रहे।
स्वामी विवेकानंद का अनुकरण करें युवा
गोला गोकर्णनाथ। स्वामी विवेकानंद जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई। गांधी स्मारक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भारत विकास परिषद के तत्वावधान में गोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि सीजीएनपीजी कॉलेज के रिटायर्ड हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. जेएस सिंह एवं विशिष्ट अतिथि गायत्री परिवार प्रमुख सत्यनारायण वर्मा ने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन चरित्र के आदर्शों का अनुकरण करने पर जोर दिया। श्रीकांत तिवारी, राजेंद्र कुमार अग्निहोत्री, रामनरेश मिश्र, सुधीर अवस्थी, प्रमोद दीक्षित, अतुल त्रिवेदी, मनोज मिश्र एवं सौरभ दीक्षित मौजूद रहे। संचालन गुरुदेव शर्मा ने किया। उधर, राजेंद्र नगर कॉलोनी स्थित शारदे ज्ञान मंदिर में विद्यालय प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य कल्याण समिति के प्रांतीय महामंत्री शैलेंद्र सक्सेना की अध्यक्षता में जयंती मनाई गई। कवि आलोक तिवारी ने कविताओं के माध्यम से विवेकानंद के व्यक्तित्व, कृतित्व पर प्रकाश डाला। अनुज खरे संजय तिवारी, अरविंद श्रीवास्तव मौजूद रहे। माया मेमोरियल सरस्वती शिक्षा मंदिर में शिक्षकों ने केक काटकर जयंती मनाई। प्रधानाचार्य अरुण शर्मा, संजीव दीक्षित, लवलेश दीक्षित आदि मौजूद रहे।
स्वामी विवेकानंद जयंती पर हुआ पुरातन छात्र सम्मेलन
मोहम्मदी। सरस्वती विद्या मंदिर में पुरातन छात्र परिषद की ओर से कार्यक्रम हुआ। इसमें कॉलेज के छात्र रह चुके छात्रों ने स्वामी विवेकानंद के विचारों के बारे में जानकारी दी। मुख्य अतिथि ने कहा कि शिक्षकों में त्याग एवं समर्पता का भाव जागृत करने की आवश्यकता है। वहीं छात्र संस्कारवान बने इसके लिए उन्हें प्रेरणादायक कथाएं सुनाए जाने की आवश्यकता है। व्यवस्थापक गुलशन भसीन ने स्कूली दिनों को याद कर उस दौरान के तमाम संस्मरण सुुनाए। प्रधानाचार्य राममणि मिश्र ने स्वामी विवेकानंद के जीवन के तमाम प्रेरक प्रसंग सुनाए। संचालन आचार्य उमाकांत मिश्र ने किया।