गोला गोकर्णनाथ। त्रिलोकगिरि मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ एवं मानस वेदांत सम्मेलन में वक्ताओं की वाणी श्रोताओं को भक्तिरस से सराबोर कर रही है। दूर दराज से आए वक्ता शास्त्रों, मानस, वेदों के ज्ञान के माध्यम से लोगों को प्रेम, भक्तिभाव, शांति, सद्भाव का मार्ग बता रहे हैं।
वेदांत सम्मेलन में एक ओर यज्ञाचार्य राजेश शास्त्री के वैदिक मंत्र गूंज रहे हैं तो दूसरी ओर साध्वी संजीवनी मिश्रा ने संगीतमयी धुनों पर द्वापर में ऊषा अनिरुद्घ विवाह का प्रसंग सुनाकर प्रेम, स्नेह के पवित्र बंधन की परिभाषा प्रस्तुत की। साथ ही उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का भी वर्णन किया। कथा व्यास पंकज मिश्र महारथी ने सुनाया कि भगवान श्रीराम का चरित्र देश ही नहीं विश्व में मर्यादा का आदर्श प्रस्तुत करता है। जो विश्व में भारतीय संस्कृति की पहचान है। श्रीराम चरित मानस की प्रत्येक चौपाई मंत्र है। जिसमें जीवन से लेकर अंत तक की मानव जीवन की सारी गतियों का मार्मिक चित्रण किया गया है।
काशी विश्वनाथ तिवारी ने बताया कि 12 दिसंबर को हवन पूर्णाहुति, कन्या भोज भंडारे के साथ सम्मेलन का समापन होगा। पालिका सदस्य शशिप्रभा तिवारी, पिंकी गुप्ता, गीता देवी पांडे, अंजली कश्यप आदि मौजूद रहीं।