लखीमपुर खीरी। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में सबसे अधिक बुखार के मरीज पहुंचे। खांसी और त्वचा रोग से संबंधित मरीज भी आए। जिले के कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को परामर्श और दवा तो मिली, लेकिन जांच की सुविधा नहीं मिली। जांच के लिए मरीजों को इधर से उधर भटकना पड़ा।
लखीमपुर शहर में तीन नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। निर्मल नगर में तो खून जांच की सुविधा है, लेकिन गोटैयाबाग और नौरंगाबाद में खून जांच की सुविधा नहीं हैं। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को बुखार, खांसी, जुकाम की लाल-पीली दवाएं देकर काम चलाया जाता है। अगर किसी को खून जांच करानी है तो उसे जिला अस्पताल या फिर प्राइवेट पैथोलॉजी की दौड़ लगानी पड़ती है।
इन दिनों डेंगू, मलेरिया तेजी से फैल रहा है। ऐसे में खून जांच की सुविधाएं न होना मरीजों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। हालांकि, कुछ केंद्रों पर जांच की सुविधा है। इधर, गोला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ. एके द्विवेदी ने 34 मरीज देखे। करीब 21 मरीज बुखार, खांसी-दस्त के रहे। इस मौके पर फार्मासिस्ट अखिलेश अवस्थी, वार्डबॉय राजेंद्र कुमार, ट्रेनी फार्मासिस्ट परवेज आलम, शिवम आदि मौजूद रहे।
मोहम्मदी के राजापुर बेनी में 52 मरीजों को डॉ. धर्मेंद्र वर्मा ने देखा। यहां पर खून जांच की कोई भी सुविधा नहीं है। बरबर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ. रविंद्र यादव ने बुखार, खांसी, त्वचा आदि के 48 मरीज देखे।
बुखार के मरीजों की मलेरिया, टाइफाइड की कराई जांच
संपूर्णानगर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुखार, खांसी जुकाम, शरीर दर्द आदि के मरीजों को डॉ. पंकज सिंह ने देखा और दवाएं दी। साथ ही दो मरीज की अस्पताल में ही मलेरिया, टाइफाइड की जांच कराई गई। डॉ. पंकज ने बताया कि दो माह से एएनएम नहीं है। अब एएनएम, स्टाफ नर्स की तैनाती हुई है, तो डिलीवरी की सुविधा भी शुरू हो जाएगी। संवाद
संपूर्णानगर पीएचसी पर बच्चे की जांच करते डॉक्टर: संवाद