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Lakhimpur Kheri News: करोड़ों खर्च, फिर भी ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण नहीं

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लखीमपुर खीरी। जिले की सभी 1167 ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण के लिए रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) बनाए जाने थे। पिछले तीन वर्ष में करीब एक हजार सेंटर बन भी चुके हैं। 2.5 लाख से नौ लाख के बीच बने इन सेंटर पर व्यवस्थाएं न होने से कूड़ा निस्तारण की योजना फलीभूत नहीं हो पा रही है। इसके चलते गांवों में गंदगी की भरमार है।
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उचौलिया। कस्बे में आरआरसी बने हुए कई माह बीत चुके हैं। फिर भी डोर टू डोर कूड़ा एकत्र करने का काम शुरू नहीं हुआ है। मजबूरी में लोग खाली प्लाॅट में कूड़ा डाल रहे हैं। पंचायत सचिव रजनीकांत पांडे ने बताया उचौलिया के लिए 8,95,000 से आरआरसी का निर्माण कराया गया है। काम करने के लिए श्रमिक नहीं मिलने से आरआरसी शुरू नहीं हो सका है। होली तक शुरू हो जाएगा। ग्राम पंचायत कठिघरा में भी आरआरसी बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन अभी तक शुरू नहीं हो सका है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अयूब अली ने बताया कि करीब ढ़ाई लाख रुपये से आरआरसी बनकर तैयार हुआ है। ग्राम पंचायत किशनपुर जमुनी में भी आरआरसी बनकर तैयार हो गया, पर इसका उपयोग शुरू नहीं हुआ। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुखदेव सिंह ने बताया कि 2,40,000 से निर्माण हुआ था। ग्राम पंचायत रामपुर ग्रंट में आरआरसी अभी शुरू नहीं हो सका है।
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ग्राम प्रधान जगप्रीत सिंह ने बताया कि अभी काम चल रहा है। ग्राम पंचायत बरनैया में आरआरसी बन नहीं सका है। प्रधान प्रतिनिधि राजपाल ने बताया कि जमीन न मिलने के कारण काम शुरू होने में देरी हुई। शीघ्र काम शुरू होगा। ग्राम पंचायत इब्राहिमपुर में भी आरआरसी का उपयोग अभी शुरू नहीं हुआ है। ग्राम प्रधान शब्बन बेग ने बताया कि 8,67,000 से निर्माण होना है।
ग्राम पंचायत किरियारा में भी आरआरसी का उपयोग शुरू नहीं हुआ हुआ है। ग्राम प्रधान नाजिम ने बताया कि बजट 8,65,000 रुपये निर्माण हुआ है, लेकिन काम के लिए समूह के लोग नहीं मिलने के कारण काम शुरू नहीं हो सका है।


बेलिहान में शो पीस बना आरआरसी

फूलबेहड़। बेलिहान और देवरिया में एक वर्ष पहले कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाया गया था, ताकि कूड़े का ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हो सके। बनने के बाद जिम्मेदारों ने उसमें ताला डलवा दिया। ग्राम पंचायत सचिव दिनेश वर्मा ने बताया कि एक वर्ष पहले गांव रघवापुर के बाहर कूड़ा निस्तारण केंद्र बनवाया गया था। संवाद



बनने के एक साल बाद भी शुरू नहीं हो सका कूड़ा निस्तारण केंद्र

पलियाकलां। मलिनियां गांव में करीब एक साल पहले साढ़े चार लाख रुपये की लागत से कूड़ा निस्तारण केंद्र का निर्माण कराया गया था, जो अब तक शुरू नहीं हो सका है। ग्राम प्रधान राजदीप सिंह रिंकू ने बताया कि कुछ गांवों में साढ़े चार लाख तो कुछ गांव में नौ लाख की लागत से कूड़ा निस्तारण केंद्र बनवाए गए हैं। इनमें अधिकांश गांवों में अभी तक इनका संचालन शुरू नहीं हो सका है। इसके लिए अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। संवाद










लाखों की लागत से बना केंद्र, संचालक रखने को मानदेय नहीं



संपूर्णानगर। थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भानपुरी खजुरिया में आरआरसी बना है। इसके संचालन की नियुक्ति भी हुई, लेकिन मानदेय कम होने से संचालक द्वारा कार्य नहीं करने से यह केंद्र बंद पड़ा है। भानपुरी खजुरिया के प्रधान प्रभुनाथ ने बताया कि ठोस अपशिष्ट केंद्र के लिए संचालक की तैनाती हुई थी और कुछ दिन कार्य किया, लेकिन मानदेय पांच हजार था। इस वजह से संचालन का कार्य नहीं किया जा रहा है और केंद्र बंद पड़ा है। संवाद











जिले में करीब एक हजार के आसपास आरआरसी का निर्माण कार्य कराया जा चुका है। बाकी जगहों पर कार्य जारी है। ढाई लाख से लेकर नौ लाख तक की कीमत से यह कार्य कराया जा रहा है। बिजली कनेक्शन समेत अन्य व्यवस्थाएं होती ही इन्हें क्रियाशील कर दिया जाएगा। उचौलिया में एक सेंटर होली के आसपास शुरू हो सकता है। - विशाल सिंह, डीपीआरओ
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