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Lakhimpur Kheri News: रिहाई पर हड़ताल का संकट, 18 दिन में बढ़ गए 100 बंदी

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जिला कारागार
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लखीमपुर खीरी। वकीलों की हड़ताल का असर जेल में निरुद्ध बंदियों की रिहाई पर पड़ा है। आदेश न पहुंच पाने से उनकी रिहाई तक अटक गई है, जबकि हर रोज नए बंदी जेल में दाखिल हो रहे हैं। बीते 18 दिन में जेल में 100 से ज्यादा नए बंदी दाखिल कराए गए हैं।
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725 बंदियों की क्षमता वाली जिला जेल में इस समय बंदियों की संख्या 1600 के पास पहुंच गई है। हापुड़ घटना के बाद से अधिवक्ताओं की हड़ताल चल रही है। 18 दिन बीतने के बाद भी वकील झुकने को तैयार नहीं हैं। कोर्ट-कचहरी के काम बंद हैं। हड़ताल से बंदियों की रिहाई भी प्रभावित हो रही है। बंदी और उनके परिजन परेशान हैं। उधर, जेल में बंदियों की आमद बढ़ने से जेल प्रशासन को भी समस्या हो रही है। रिहाई आदेश पहुंचने लगें तो बंदियों की संख्या कम हो जाए। अमूमन जिला जेल में 1450 से 1500 बंदी रहते हैं। (संवाद)

पहले 15 अब 20 आ रहे पांच रिहाई आदेश
जेल अधीक्षक पीडी सलौनिया ने बताया कि हड़ताल से रिहाई तो प्रभावित हुई है। इसका असर करीब 100 बंदियों की रिहाई पर पड़ा है। सामान्य दिन में प्रतिदिन 15 से 20 बंदियों के रिहाई आदेश जेल पहुंचते थे, इस समय यह संख्या पांच से छह ही रह गई है। हालांकि बंदियों के मामलाें की सुनवाई हो रही है। बंदी कोर्ट भी भेजे जा रहे हैं।
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725 की क्षमता वाली जेल में 1620 बंदी
जिला जेल की क्षमता 725 बंदी की है। इस समय जेल में 1620 बंदी निरुद्ध हैं। अधिवक्ताओं की हड़ताल के बाद से अबतक करीब 120 बंदी दाखिल कराए गए हैं। शनिवार और रविवार को करीब 40 वारंटियों को जेल में दाखिल कराया गया है। वारंटियों की जमानत अगले ही दिन हो जाती है। हड़ताल की वजह से रिहाई फंस गई। कई अन्य बंदी अगले दिन ही जमानत मिलने वाले मामलों से संबंधित हैं। हड़ताल से बंदियों के परिजन भी परेशान हैं। जमानत के लिए न्यायालय आते हैं, लेकिन हड़ताल की वजह से काम नहीं हो पाता। जेल अधीक्षक ने बताया कि प्रतिदिन नए बंदी जेल पहुंच रहे हैं। हड़ताल के बाद से 100 से अधिक बंदी दाखिल हो चुके हैं।
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आंकड़ों में जेल की क्षमता और बंदी
- 725 बंदियों की क्षमता है जिला जेल की।
- 28 बैरक हैं जनपद कारागार में
- 1620 कुल बंदी निरुद्ध हैं मौजूदा समय में।
- 50 महिला बंदी जिला जेल में बंद हैं।
- 1570 पुरुष बंदी निरुद्ध हैं जनपद कारागार में।
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