रेलवे स्टेशन से कुछ लोग देवरिया निवासी एक युवक को पीटते हुए वाहन में डालकर चले गए, जबकि चंद कदम दूर पुलिस चौकी पर सीओ और तीन एसओ बैठे रहे। आरोप है कि उन्होंने गुहार लगाने आई अपहृत युवक की बहन को टरकाते हुए 28 किमी दूर संपूर्णानगर थाने जाने को कहा। युवक अपहरणकर्ताओं के चंगुल में है और उसके पास करीब 55 हजार रुपये भी हैं।
देवरिया निवासी राजू पासवान और उसकी बहन लज्जावती पासवान पत्नी जोगेंदर पासवान, जोगेंदर और उदयभान पलिया आए थे। जोगेंदर ने गुरुवार को आवश्यकता पड़ने पर विशेनपुरी स्थित अपनी जमीन किसी व्यक्ति के पास डेढ़ लाख रुपये में गिरवी रख दी और रुपये लेकर देवरिया जाने के लिए निकले। वह देरशाम करीब 7:30 बजे पलिया रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और देवरिया जाने के लिए ट्रेन का इंतजार करने लगे। इसी दौरान एक वाहन से चार-पांच लोग आए और स्टेशन पहुंचकर राजू को पीटने लगे। इसके बाद राजू को वाहन में डालकर फरार हो गए। इससे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। राजू की बहन ने फौरन चंद कदम दूर पलिया पुलिस चौकी पर जाकर घटना की जानकारी दी। उसने बताया कि विशेनपुरी के ही कुछ लोग उसकी जमीन अपने पास गिरवी रखना चाहते थे, लेकिन उन्होंने दूसरे को जमीन गिरवी रख दी। इससे वह लोग नाराज हो गए और उसी के एवज में उन्होंने घटना को अंजाम दिया। राजू के पास 55 हजार रुपये भी हैं। आरोप है कि घटना के समय चौकी पर सीओ रामआसरे सिंह, पलिया एसओ केपी सिंह, सिंगाही एसओ, निघासन एसओ, चौकी इंजार्ज संतोष सिंह मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी अपहरणकर्ताओं को पकड़ने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने महिला को टरकाते हुए करीब 28 किलोमीटर दूर संपूर्णानगर थाने जाने को कहा। इससे लोगों में पुलिस के रवैये को लेकर आक्रोश है। रेलवे स्टेशन मास्टर एससी गुप्ता ने जीआरपी मैलानी को सूचना दे दी है।
एसओ, पलिया केपी सिंह ने बताया कि हां, घटना संज्ञान में आई है, चूंकि मामला जीआरपी के क्षेत्र का है। इसलिए जीआरपी को सूचना देने के लिए कहा था।