- एक केस में 21 साल से हाजिर नहीं हुए हैं अभियुक्त
वन विभाग के एक केस में 21 साल से अभियुक्तों के हाजिर न होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट पीके वर्मा ने तीन पुलिस कर्मी समेत चार के खिलाफ कुर्की वारंट का आदेश जारी किया है। कोर्ट ने इसके अनुपालन के लिए डीजीपी उत्तर प्रदेश को पत्र भेजा है।
मालूम हो कि मोहम्मदी वन रेंज के वन रक्षक श्रीकृष्ण ने चार पुलिस कर्मियों समेत एक अन्य के खिलाफ सागौन के चार पेड़ काटने के आरोप में मामला दर्ज कराया था। यह वाकया 1995 का है। इसमें एसआई सूरजमल राठी, एसआई वीके यादव, सिपाही राजकुमार और शिव पूजन तथा एक ग्रामीण मितानलाल नामजद थे। मामले की विवेचना एसआई वीके गुप्ता ने की थी और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सभी आरोपी पुलिस कर्मी उस समय मैगलगंज थाने में तैनात थे।
वन अधिवक्ता जियाउल्ला खां मामले की पैरवी कर रहे हैं, उन्होंने न्यायालय को बताया कि 21 साल से अभियुक्त न्यायालय में हाजिर नहीं हो रहे हैं। इस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कड़ा रूख अपनाते हुए एसआई वीके यादव, सिपाही राजकुमार और शिवपूजन तथा मितान के खिलाफ कुर्की वारंट का आदेश दिया है और इसके अनुपालन के लिए डीजीपी को पत्र भेजा है।
यहां यह बता दें कि इस मामले में एक आरोपी दरोगा सूरजमल राठी कुर्की वारंट के पश्चात 19 सितंबर को जब कोर्ट में हाजिर होने आए थे तो न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज करते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया था। इस मामले के शेष चार अभियुक्त भी अभी तक कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे थे, जिनके उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।