हाल के दिनों में प्रदेश के कारागारों में अपराध की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए शासन ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। पुलिस की तर्ज पर सभी कारागारों को वॉकी-टाकी से लैस किया जा रहा है। खीरी जिला कारागार में 14 वॉकी-टाकी दिए गए हैं, जिन्हें लेकर बंदीरक्षक संवेदनशील माने जाने वाले स्थानों पर तैनात रहेंगे और बंदियों के मूवमेंट की जानकारी सर्किल अधिकारी और जेलर को देते रहेंगे। वॉकी-टाकी से जिला पुलिस को भी जोड़ने की तैयारी है, ताकि विपरीत परिस्थितियों में पुलिस से संपर्क स्थापित किया जा सके।
पिछले साल तमंचा लेकर जिला कारागार के मेनगेट से दो कैदियों के फरार होने की घटना के बाद से ही यहां पर भी सतर्कता बरती जा रही है। जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि कारागार की आंतरिक सुरक्षा सुदृढ़ करने के लिए वॉकी-टाकी दी गई है। जिससे महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात बंदीरक्षक से सुरक्षा की पल-पल की जानकारी ली जा सकेगी। कारागार में सिस्टम लगाने के लिए शासन से सभी उपकरण आ गए हैं। जिन्हें लगाकर कम्युनिकेशन स्थापित किया जा रहा है। कारागार में 14 स्थानों को चुना गया है। जिनमें मेनवॉल, बैरकें, सर्किल, कारागार का मेनगेट आदि शामिल हैं। अधीक्षक के मुताबिक वॉकी-टाकी सिस्टम से डीएम आवास, एसपी आवास और जिला पुलिस के वायरलेट सिस्टम को जोड़ा जाएगा।
कम हैं कारागार मे बंदीरक्षक
जिला कारागार में 88 पुरुष बंदीरक्षक और नौ महिला बंदीरक्षक का स्टाफ स्वीकृत है, लेकिन इसके सापेक्ष 62 पुरुष बंदीरक्षक हैं। जबकि नौ महिला बंदीरक्षकों के मुकाबले एक भी महिला बंदीरक्षक नहीं हैं। वॉकी-टाकी सिस्टम लागू होने के बाद बंदीरक्षकों की कमी का एहसास न के बराबर होगा।