व्यापम घोटाले में वांछित जिले के सिंगाही थाने के गांव सहिंजना के मनोज मौर्य की तलाश में मध्य प्रदेश से एसआईटी की एक टीम बुधवार दोपहर यहां पहुंची। मनोज के घर पर नहीं मिलने पर टीम उसके बड़े भाई संकटा प्रसाद को यह कहकर साथ ले गई कि मनोज ग्वालियर में जिस स्थान पर रहता है, वहां लेकर जाएंगे।
मनोज के पिता हीरालाल ने बताया कि उनके छोटे बेटे मनोज ने कई बार सीपीएमटी की परीक्षा दी लेकिन वह पास नहीं हुआ। 2011 से वह मध्य प्रदेश में रह रहा है और साल में एक-दो बार ही घर आता है। उसने पशु चिकित्सा का कोर्स करने के लिए परीक्षा दी थी, जिसमें वह पास हो गया। इस समय वह ग्वालियर में पशु चिकित्सा कोर्स की ट्रेनिंग कर रहा है। उसकी डिग्री मिलने में 10 दिन शेष बचे हैं।
एसपी अरविंद सेन ने बताया कि ग्वालियर से आए एसआईटी टीम के प्रभारी प्रशांत यादव अपनी टीम और सिंगाही थाना पुलिस के साथ गांव सहिंजना पहुंचे। वहां इन लोगों ने मनोज मौर्य की तलाश की किंतु उसके ग्वालियर में ही होने की जानकारी मिलने पर उसके बड़े भाई संकटा प्रसाद को हिरासत में लेकर अपने साथ ले गए हैं।
मनोज पर यह है आरोप
एसआईटी टीम के प्रभारी प्रशांत यादव ने बताया कि सहिंजना निवासी मनोज मौर्य ने वर्ष 2009 में सीपीएमटी की परीक्षा दी थी मगर उस रोल नंबर पर उत्तीर्ण कोई अन्य परीक्षार्थी हुआ। उन्होंने बताया कि सीपीएमटी की परीक्षा में मनोज ने फोटो अपनी लगाई, जबकि परीक्षा दूसरे नाम से दी। इस मामले में मध्यप्रदेश के ग्वालियर में मनोज के खिलाफ 449/131, 419, 420, 463, 468, 471 और 120 बी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज है।