हैदरगढ़ (बाराबंकी)। कोठी थाने में महिला के साथ हुई वीभत्स घटना की मजिस्ट्रेटी जांच एसडीएम हैदरगढ़ ने शुरू कर दी है। पंद्रह जुलाई को तहसील स्थित एसडीएम कार्यालय में मृतका के परिवारीजनों समेत घटना के बारे में जानकारी रखने वाला कोई भी व्यक्ति लिखित अथवा मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है। एक पत्रकार की मां को पेट्रोल डाल कर जिंदा जलाए जाने की घटना की जांच में सहयोग के लिए एसडीएम ने पत्र जारी कर यह बात कही है।
मालूम हो कि छह जुलाई को कोठी थाने में एक पत्रकार की मां के साथ हुई हैवानियत से पूरे जिले के लोगों में आक्रोश है। मामले में आरोपित थानाध्यक्ष व एक एसआई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें निलंबित कर प्रशासन ने लोगों को शांत करने का प्रयास किया था, लेकिन थाने में आग से बुरी तरह झुलस जाने के बाद पीड़ित महिला के बयान व परिवारीजनों द्वारा गत एक वर्ष से प्रताड़ित किए जाने के आरोपों ने पुलिस की हैवानियत की पोल खोल दी है। एक दिन बाद सात जुलाई की भोर को लखनऊ में इलाज के दौरान महिला की मौत होने पर जिले के तमाम राजनीतिक व सामाजिक संगठनों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तथा दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहें है। जिसके फलस्वरूप घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की जानकारी के लिए शासन ने घटना की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए हैं। बुधवार को एसडीएम हैदरगढ़ जीपी गुप्ता ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू कर दी है तथा इसकी गंभीरता को देखते हुए पंद्रह जुलाई को दिन में ग्यारह बजे तहसील स्थित एसडीएम कार्यालय में घटना से संबधित साक्ष्य व अन्य जानकारी प्रस्तुत करने हेतु उपस्थित होने की बात कही है। एसडीएम ने कहा कि मृतका के परिवारीजनों समेत अन्य कोई भी अन्य जो घटना के बारे में लिखित अथवा मौखिक साक्ष्य देना चाहता है तय दिवस पर कार्यालय में प्रस्तुत हो सकता है।