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महकमे के रवैये से क्षुब्ध सिपाही ने मांगी इच्छा मृत्यु

Fri, 27 Jan 2017 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  लखीमपुर खीरी।
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पु‌ल‌िस
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राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सर्वोच्च अदालत के मुख्य न्यायाधीश को भेजा पत्र 
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एएसपी दफ्तर में तैनात मुंशी अमरनाथ यादव ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु मांगी है। उनका आरोप है कि हजरतगंज स्थित कैथीड्रल स्कूल के फादर और पीटी टीचर के चलते उनके बेटे ने खुदकुशी। इस मामले में पुलिस ढिलाई बरत रही है। अभी तक दोनो आरोपियों को गिरफ्तार तक नहीं किया गया। 
अमरनाथ ने बताया कि उनका पुत्र 17 वर्षीय ललित यादव कैथड्रिल स्कूल हजरतगंज लखनऊ में इंटर का छात्र था। पिछले साल तीन दिसंबर को स्कूल गेट के पास पुत्र की बाइक एक रिक्शे से छू गई थी। इतनी सी बात पर स्कूल के फादर और पीटी टीचर ने उसे सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया और मारपीट कर प्रताड़ित किया। इसी कुंठा में आकर उसने घर में रखी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा। मड़ियांव थाना पुलिस ने आरोपियों को बचाने के लिए आईपीसी की धारा 305 की जगह 306 में रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने अभी तक दोनों आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। आरोप है कि पुलिस महानिदेशक और अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था का आरोपियों को संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने और वापस न लेने पर नौकरी से निकाल देने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में उसके पुत्र को प्रताड़ित किया जाना साफ दिख रहा है। अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था को सीसीटीवी फुटेज भी दिए गए और जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन अधिकारी स्कूल प्रशासन को बचाने के लिए अलग-अलग जांच कराकर हादसे का रूप दे रहे हैं। विवेचक ने भी न तो उनके (पिता) के बयान लिए और न ही साक्ष्यों को विवेचना में शामिल किया है। इसीलिए उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सर्वोच्च अदालत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने, अधिकारियों के उत्पीड़न से बचाने की मांग की है। पत्र में कहा है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिलता है तो इच्छा मृत्यु की अनुमति दें। 
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आत्महत्या करने का मामला तो मेरे संज्ञान में हैं। इस मामले की लखनऊ के संबंधित थाने में रिपोर्ट भी दर्ज है, लेकिन इच्छा मृत्यु मांगने के मामले की जानकारी मुझे नहीं है।
- दीपेंद्र नाथ चौधरी, एएसपी
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