वाहन चेकिंग के दौरान सदर कोतवाली पुलिस को मिली सफलता
सदर कोतवाली पुलिस को बुधवार को बड़ी सफलता मिली। पुलिस ने आटोलिफ्टर गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से सात बाइक बरामद की है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों का चालान कर दिया है।
शहर में लगातार औसतन प्रतिदिन चार बाइकें चोरी हो रहीं थीं। एएसपी घनश्याम चौरसिया ने बाइक चोरी को चुनैती के रूप में लिया था। इसे रोकने के लिए रणनीति बनाई थी। एएसपी की बनाई गई रणनीति कामयाब होती दिख रही है। बुधवार को सदर कोतवाल द्वारा गठित टीम को वाहन चेकिंग के दौरान अलग-अलग बाइकों से कोतवाली धौरहरा के मोहल्ला शुक्लावार्ड निवासी सलीम और थाना ईसानगर के गांव बनटुकरा निवासी अक्षयराम पुलिस के हाथ चढ़ गए। पुलिस ने जब बाइकों के कागज मांगे तो वह कागज नहीं दिखा सके। इस पर पुलिस दोनों को कोतवाली लाई और कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पलिया रोड पर स्थित सफियापुर के पास एक खंडहर में छुपाकर खड़ीं की गईं पांच अन्य बाइक बरामद कर ली। इंस्पेक्टर सदर नागेश कुमार मिश्रा ने बताया कि बरामद बाइकों में पंच बाइक सदर कोतवाली क्षेत्र से चोरी हुईं थीं। उन्होंने बताया कि सभी बाइकों की नंबर प्लेट बदली हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर दिया।
टीम में यह रहे शामिल
एसआई संदीप कुमार सिंह, फूलचंद, अनिल कुमार सिंह, अरविंद कुमार राय, सिपाही अजेंद्र यादव, विजय शर्मा, नीरज तिवारी, लवकुश कुमार कश्यप, राजेश्वर।
आटोलिफ्टर गैंग के सरगनाओं तक पहुंची पुलिस
एएसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि हाल ही में सदर कोतवाली, सिंगाही आदि थानों की पुलिस ने आटोलिफ्टर गैंग के सदस्यों को पकड़ कर बाइकों को बरामद किया है। पकड़े गए आरोपियों से हुई पूछताछ में यह बात साफ हो गई है कि कुछ पकड़े गए गैंग के सदस्य कॉरिअर का काम करते हैं, जो बाइकों को चुराकर गैंग लीडर को देते हैं। गैंग लीडर उन्हें दो से तीन हजार रुपये प्रति बाइक देता है। बाइक चोरी की घटनाओं पर तभी अंकुश लग पाएगा, जब गैंग लीडर सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने बताया जिले में सक्रिय कुछ गैंगों के लीडर तक पुलिस के हाथ पहुंच चुके हैं। पुलिस उन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर लेगी।