अवैध कटान के शक में रोकने पर शीशम के लट्ठे लदे ट्रैक्टर के चालक ने बुधवार रात करीब सवा दस बजे डीएम की कार को टक्कर मारने की कोशिश की। डीएम के चालक गाड़ी को बाल-बाल बचा ले गए। शारदा नदी का पुल पार करने के बाद हुई इस घटना से प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम ने कुछ दूर आगे जाकर ट्रैक्टर ट्राली के चालक को रोक लिया। मौके पर लकड़ी कटान का रवन्ना और अन्य संबंधित कागज न दिखा पाने पर डीएम ने एसओ पलिया को बुलाकर चालक को उन्हें सौंप दिया। चालक पुलिस के सामने से ही भाग गया। पुलिस ने चालक के खिलाफ ट्रांजिट एक्ट और वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि कागजात न दिखा पाने और चालक के भागने से लकड़ी का अवैध कटान की होने का संदेह हुआ लेकिन वन निगम का कहना है कि लकड़ी कटान क्षेत्र की है और भीरा डिपो जा रही था। वन निगम ने बृहस्पतिवार को शीशम की लकड़ी का रवन्ना दिखाया।
डीएम बुधवार को तहसील दिवस पर पलिया गईं थी। वहां से थारू गांव का भ्रमण करने चली गईं। रात करीब सवा दस बजे लखीमपुर लौटते समय शारदा पुल पार करने के बाद उन्होंने ट्रैक्टर रोकने की कोशिश की थी। डीएम ने भीरा और पलिया पुलिस को बुला लिया। एसडीएम और सीओ पलिया समेत जिले से भी कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। लदी लकड़ी की बाबत कोई कागजात भी मौके से नहीं मिले। डीएम के निर्देश पर धर्मकांटा पर ट्रैक्टर ट्राली को तुलवाया गया। 14 हजार पांच सौ किलोग्राम शीशम के बोटे का वजन कराकर थाना पलिया पुलिस के सुपुर्द किया गया।
प्रभारी एसओ केएन सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को जांच में वन निगम अधिकारियों ने रवन्ना आदि दिखाया है। रवन्ना के अनुसार यह लकड़ी संपूर्णानगर रोड साइड में हो रहे कटान की है। फिलहाल ट्रैक्टर संख्या यूपी 26/6368 के चालक मशरूर निवासी शेरपुर थाना पूरनपुर जिला पीलीभीत के खिलाफ 3/28 ट्रांजिक्ट एक्ट वन अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। उन्होंने बताया कि इस एक्ट के मुताबिक ट्रांसपोर्टेशन के लिए कागज न रखना गैरकानूनी है। उन्होंने बताया कि यह एक जमानती अपराध है। वहीं चालक के मौके पर भागने के मामले में उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। वन विभाग का कहना है कि रवन्ना चालक के पास ही था लेकिन वह फोर्स देखकर डरकर भाग गया।
चालक के मौके से भागने और लकड़ी की बाबत कोई कागजात प्रस्तुत न किए जाने से अवैध कटान का संदेह हुआ। थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। हकीकत सामने आ जाएगी।
- किंजल सिंह, जिलाधिकारी
संपूर्णानगर रोड के निर्माण के कारण हो रहे शीशम के पेड़ों के कटान की लकड़ी भीरा स्थित निगम के डिपो में लाई जा रही थी। वाहनों के काफिलों को देखकर चालक भयभीत होकर भाग निकला होगा, जिसकी तलाश की जा रही है।
अभय कुमार, वन निगम के प्रभागीय लॉगिंग प्रबंधक
तराई इलाके में जारी है हरे पेड़ों का कटान
लखीमपुर खीरी। जंगल से घिरे तराई इलाके निघासन, पलिया और धौरहरा क्षेत्र समेत समूचे जनपद में हरे पेड़ों का कटान जोरों पर हो रहा है। खास बात यह है कि लकड़कट्टों को इसके कटान के लिए आसानी से परमिट भी मिल जाता है। यही वजह है कि वन विभाग और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठते हैं।
निघासन/सिंगाही/पलियाकलां। तराई इलाके में हरे पेड़ों का कटान जोरों पर है। बिना परमिट और रवन्ने के यहां पर पेड़ों का कटान किया जाता है। जंगल में लगे साखू और सागौन के पेड़ भी चोरी से काटे जा रहे हैं लेकिन वन विभाग अनजान बना हुआ है। कई आरा मशीनों प्लाईवुड फैक्ट्रियों के लिए सेमल, खैर और शीशम की लकड़ियों का निर्बाध जारी है। मजे की बात यह है परमिट उन पेड़ों का बनता है जो सूख गए हों या रोग ग्रस्त हों लेकिन यहां हरे पड़े भी लगातार काटे जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि तहसील के अधिकारी हरे पेड़ों को भी खराब होने का प्रमाणपत्र जारी कर देते हैं। एक रवन्ने पर कई स्थानों पर लकड़ी कटान के बाद ले जाई जाती है। पकड़ गए तो रवन्ना नहीं तो फिर उसी रवन्ने पर अगली खेप पहुंचाते हैं। कटान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दुधवा टाइगर रिजर्व जोन के जंगल या अन्य वन क्षेत्र में जंगल के खाली मैदान नजर आ रहे हैं।
खूब कट रहे पेड़
फरधान। फरधान इलाके में दो फरवरी को मऊदाउदपुर गांव के पूरब दो गूलर के पेड़ काटे गए। बुधवार से गुलरिया गांव में कटान हो रहा है। आम और सेमल के कई पेड़ काटे गए। 28 जनवरी को रुकुंदीपुर में आम के चार और बौठा में गुलर का पेड़ कटान किया गया। उधर अमानलाल में लल्लूराम के छह आम के पेड़ और लकेसरपुरवा आम और सागौन का कटान किया गया।
अवैध कटान पर अंकुश लगाया गया है। शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। कटान मामले में अभी तक वन कर्मियों की मिलीभगत की बात सामने नहीं आई है। अगर कोई लिप्त मिला तो कार्यवाही की जाएगी।
मनोज शुक्ला, डीएमओ, उत्तर खीरी वन प्रभाग।
जिले में पेड़ों के अवैध कटान की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। जिन पर कार्यवाई के लिए सभी एसडीएम को भी निर्देशित किया गया है। कटान पर सख्त कार्यवाई की जाएगी।
किंजल सिंह, डीएम