घास काटने गया था ग्रामीण, दुधवा अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा
- मसानखंभ समेत आसपास के गांवों में बढ़ी दहशत
दुधवा नेशनल पार्क के जंगल से निकले एक बाघ ने दुधवा रेंज के थारू गांव मसानखंभ में एक ग्रामीण पर हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। उसको इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलिया लाया गया है और यहां उसका इलाज जारी है। बाघ के इस हमले से मसानखंभ और आसपास के गांव में दहशत और बढ़ गई है। बता दें कि इन गांवों के आसपास कई दिनों से बाघ देखा जा रहा था।
भारत-नेपाल सीमा से सटे दुधवा नेशनल पार्क की रेंज में थारू ग्राम मसानखंभ निवासी घुम्मन का 40 वर्षीय पुत्र कल्लूराम अपने पालतू पशुओं के लिये कुछ दूर स्थित गन्ने के खेत में घास काटने गया था, जहां पहले से बैठे एक बाघ ने उस पर पीछे से हमला कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके चीखने चिल्लाने उसके साथियों ने लाठी डंडों से वार कर बाघ से छुड़ाया। जिसे छोड़कर बाघ गन्ने में घुसकर गायब हो गया। जख्मी को पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। बता दें कि थारू गांव नझौटा, पिपरौला, बजाही में भी बाघ की चहलकदमी से ग्रामीण खासे भयभीत हैं और शाम होते ही अपने घरों में दुबक जाते हैं। थारू ग्रामीण कई दिनों से दुधवा रेंज में इसकी जानकारी दे रहे थे, लेकिन कोई भी अधिकारी और कर्मी वहां झांकने भी नहीं पहुंचा और हादसा हो गया। इससे थारू ग्रामीणों में गुस्सा है।
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थारू इलाके में बाघ की दहशत
चंदनचौकी। भारत नेपाल सीमा से सटे दुधवा नेशनल पार्क में इन दिनों पानी भर जाने से थारू गांव पिपरौला और बजाही में जंगल किनारे हाथी और बाघ देखे जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। इधर पिछले दो दिनों से थारू गांव नझौटा के समीप जंगल के किनारे लगातार एक बाघ देखा जा रहा है। ग्रामीणों की माने तो बाघ के गले में एक पट्टा भी पड़ा है। संभावना है की यह वही बाघ है जिसे लखनऊ से लाकर दुधवा में छोड़ा गया था। इस समय मॉनीटरिंग के लिए बाघ के गले में रेडियो कालर लगाया गया था। फिलहाल ग्रामीणों में बाघ को लेकर खौफ है और उन्होंने खेतों की ओर जाना बंद कर दिया है। हालांकि इस बाबत वनाधिकारी अभी कुछ भी नहीं कह रहे हैं।