खैरीगढ़ में कोल्हू व्यवसायी की तीन बेटियों के अपहरण के मामले में पुलिस ने मास्टर माइंड राजू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अपहरण को कुल दस बदमाशों ने अंजाम दिया था। एसपी एसटीएफ ने शुक्रवार देर रात्रि इस संबंध में प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दी। पकड़े गए दो आरोपी हिस्ट्रीशीटर हैं। एसटीएफ ने बदमाशों को दी गई फिरौती की पांच लाख रुपये की रकम से 2.63 लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
एसटीएफ के एसपी सुमित पाठक ने बताया कि अपहरण कांड का मास्टर माइंड कोतवाली तिकुनियां के गांव रायपुर निवासी राजकुमार (राजू) पकड़ लिया गया है। इसके अलावा दो अन्य बदमाश गुरमीत सिंह निवासी बगौड़िया फार्म थाना सिंगाही और कुलवंत सिंह निवासी रघुनगर थाना चंदनचौकी को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा कि खीरी पुलिस के सहयोग से यह बदमाश एसटीएफ के हत्थे चढ़े। अन्य सातों बदमाशों की तलाश जारी है। साथ ही बताया कि खुलासे के लिए पुलिस महानिदेशक ने एसटीएफ और पुलिस टीम को बीस हजार रुपये का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। खुलासे में एसटीएफ की पांच टीम लगी थीं। इसके अलावा एएसपी एस आनंद, लखनऊ के एसटीएफ इंस्पेक्टर प्रमेश शुक्ला, कांस्टेबल वीर विक्रम, मोहम्मदी के थाना प्रभारी आनंद शाही और कोतवाल चंदनचौकी फूलचंद ने अहम भूमिका बताई।
एसटीएम के एसपी सुमित ने पुलिस लाइंस सभागार में एसपी अखिलेश चौरसिया की मौजूदगी में अपहरण कांड का खुलासा करते हुए बताया कि अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी और फिरौती की रकम की बरामदगी के लिए मुख्यमंत्री और डीजीपी ने एसटीएफ को जिम्मेदारी दी थी। एसटीएफ ने हजारों नंबरों में एक नंबर के सहारे चेन बनाकर इसका खुलासा करने में सफलता पाई है। इसमें मास्टर माइंड राजकुमार पर 12 मुकदमे, जिसमें डकैती, लूट, आर्म्स एक्ट आदि के हैं। इसी तरह गुरमीत पर लूट, डकैती, लकड़ी चोरी और बाइक चोरी के मुकदमे दर्ज हैं, जबकि कुलवंत सिंह का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। पुलिस को बदमाशों को गिरफ्तार करने में कोतवाली चंदनचौकी और थाना सिंगाही के रजिस्टर नंबर आठ और सर्च नंबर को व्हाट्सएप पर डालने से फोटो मिला। इससे बदमाशों तक पहुंच आसान हो गई।
एसटीएफ का दावा, फरार बदमाश चन्नी-राजकुमार में मनमुटाव का मिला फायदा
एसटीएफ के एसपी का दावा है कि लड़कियों के परिवार वाले फिरौती की पांच लाख रकम देने गए तो उसे लेने के लिए जंगल से चरनजीत उर्फ चन्नी और एक अन्य बदमाश आया था। रकम में से दो लाख रुपये चन्नी ने अपने पास छिपा लिए थे जिसको लेकर राजकुमार से मनमुटाव हो गया था। शनिवार को दोनों के बीच सेलफोन पर वार्ता को एसटीएफ ने सर्विलांस के जरिए सुना, जिसमें चन्नी ने राजकुमार को रुपये देने के लिए बुलाया और कहा कि जल्दी आओ, हम (चन्नी) नेपाल निकल रहे हैं। एसपी का कहना है कि यह बात सुनते ही तत्काल इन दोनों को घेरने के लिए दिन में रघुनगर के पास घेराबंदी की गई थी। यहां बदमाशों ने कई राउंड फायरिंग की। गन्ने के खेत से ही राजकुमार को पकड़ा गया जबकि चन्नी भाग निकला।
गुरमीत ने की थी बदमाशों की मुखबिरी
थाना सिंगाही के गांव खैरीगढ़ में ही बगौडिया फार्म का निवासी गुरमीत है, जिसने बदमाशों की मुखबिरी कर लड़कियों का अपहरण किया और वह परिवार पर नजर रखकर लगातार अपहरणकर्ताओं की मुखबिरी करता रहा।