शनिवार रात खैरीगढ़ गांव से अगवा की गई तीनों सगी बहनों को सकुशल बरामद कर लिया गया है हालांकि अपहरणकर्ता अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। एसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि लड़कियों को जंगल से बरामद किया गया है और देर रात तक आपरेशन जारी है। हालांकि पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। उधर, सीओ और एसओ के निलंबन की चर्चा है लेकिन इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों का कहना है कि तीनों लड़कियों को फिरौती देकर मुक्त कराया गया है। ज्यादा कुरेदने पर एसपी का जवाब था कि अभी हम यह नहीं बता सकते हैं कि लड़कियां कहां से और कैसे बरामद की गई हैं। निलंबन या बरामदगी के बारे में मंगलवार को सारी जानकारी दी जाएगी।
पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लड़कियों के घर पर एक किराएदार से फोन पर संपर्क कर अपहर्ताओं ने फिरौती की रकम मांगी थी। अपहर्ता जहां भी फंसे थे, वहां पांच लाख रुपये और दो लीटर पेट्रोल पहुंचाने के बाद लड़कियों को छोड़ा गया। अपहर्ताओं को फिरौती देने में एक पुलिस अफसर की भी भूमिका रही। इन लड़कियों को खीरी नेपाल बार्डर पर बंधक बनाया गया था।
लड़कियों को लेने जिला पंचायत सदस्य राजीव गुप्ता और भाई किशन गुप्ता गए थे। लड़कियों को घर ले आया गया है। वे बुरी तरह सहमी हुईं हैं और बात करने की स्थिति में नहीं थीं। वहीं लड़कियों के मामा राजीव गुप्ता का कहना है कि पुलिस ने मामले में कोई सहयोग नहीं किया। बता दें कि इस घटना को प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया था और मुख्यमंत्री ने सोमवार को प्रदेश के आला अफसरों के साथ जिले के अफसरों से लड़कियों को हर हाल सकुशल बरामदगी के लिए निर्देश दिए थे।