एसपी अरविंद सेन ने सिपाहियों की बीटबुक का निरीक्षण शुरू कर दिया है। शनिवार को विभिन्न थानों के 10 सिपाही अपनी-अपनी बीटबुक के साथ एसपी कार्यालय में पेश हुए, जिन्हें एसपी ने बीटबुक में सुधार और उसे उपयोगी बनाने के संबंध में टिप्स (सुझाव) भी दिए। साथ ही उन्होंने बीट बुक में हिस्ट्रीशीटर अपराधियों का पूरा रिकार्ड अंकित करने के निर्देश दिए है, ताकि पूरा (लेखा-जोखा) तैयार हो सके।
हाल में निरीक्षण करने आए डीआईजी रेंज लखनऊ आरके चतुर्वेदी ने सिपाहियोें की बीट बुक को नए तौर तरीकों से अपडेट करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में एसपी अरविंद सेन ने बीट बुकों का निरीक्षण का कार्य प्रारंभ कर दिया है। शनिवार को एसपी दफ्तर में विभिन्न थानों के 10 सिपाही बीट बुक के साथ पेश हुए। एसपी ने सिपाहियों से उनके द्वारा किए गए विशेष कार्यों के बारे में जानकारी ली। भीरा थाने के एक सिपाही की बीट बुक अच्छी तरह बनी होने पर एसपी ने उसे नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कई सिपाहियों की बीट बुक में जानकारियों से संबंधित कमियां मिली हैं, जिन्हें शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए हैं। जबकि मैगलगंज थाने के एक सिपाही को रजिस्टर के बजाय विभागीय बीट बुक के इस्तेमाल के निर्देश दिए। इसके अलावा सिपाहियों को जीपीएफ संबंधित जानकारी दी गई और इस दौरान कमियों को दुरुस्त कराया गया।
बीट बुक न मिलने पर एसओ का स्पष्टीकरण तलब
फूलबेंहड़ थाने की सुंदरवल चौकी में तैनात एक सिपाही के पास बीट बुक नहीं मिली है, जिसके जवाब में सिपाही ने बताया है कि थाने से ही बीट बुक नहीं दी गई है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी अरविंद सेन ने फूलबेहड़ एसओ परशुराम ओझा से स्पष्टीकरण मांगा है।