मायके वाले बोले, डॉक्टर ने गलत दी रिपोर्ट
डीएम के आदेश पर गठित हुआ तीन डॉक्टरों का पैनल
थाना नीमगांव क्षेत्र के गांव करनपुर निवासी कंचन पांडेय का शव पोस्टमार्टम के बाद जब गांव पहुंचा तो मायके पक्ष के लोग भड़क उठे। मायके वालों ने पोस्टमार्टम में सर्प दंश से हुई मौत की पुष्टि को गलत बताते हुए शव की अंत्येष्टि रोक दी। सूचना पर सीओ मितौली, तहसीलदार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और समझाने की कोशिश की, लेकिन मायके पक्ष के लोग दोबारा पोस्टमार्टम कराने पर अड़ गए। मायके वालों की मांग पर डीएम ने पैनल गठित कर दोबारा शव का पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए हैं।
बता दें कि 17 जून को गांव करनपुर निवासी कंचन पांडेय की मौत हो गई थी। मृतका के पति अमरीश पांडेय ने सर्प दंश से मौत होने का दावा किया था, जबकि मृतका के पिता धर्मेश कुमार मिश्रा ने पुत्री को जहर देकर मार डालने का आरोप लगाया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम में मौत सर्प दंश से होने की पुष्टि की गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को जब शव गांव पहुंचा और ससुराल वाले अंत्येष्टि की तैयारी करने लगे। इसी बीच मायके वालों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को गलत बताते हुए अंत्येष्टि रुकवा दी और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग करने लगे। सूचना पर पहुंची सीओ, तहसीलदार सुनील कुमार झा और एसओ नीमगांव ने मायके वालों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वे लोग नहीं माने। जिस पर अधिकारी डीएम के पास जाने की बात कहकर मौके से खिसक गए। इसके बाद मायके वाले जिला मुख्यालय पहुंचे और डीएम से मिले। डीएम ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए हैं।
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24 घंटे बाद भी नीमगांव पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट
गांव करनपुर निवासी कंचन पांडेय की मौत के मामले में मृतका के पिता ने पति और अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए 17 जून को ही पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पोस्टमार्टम हाउस पर दोबारा शव का पोस्टमार्टम कराने पहुंचे मृतका के चाचा रनधीर मिश्रा ने बताया कि तहरीर देने पर एसओ ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही थी। अब सर्पदंश से मौत की बात कहकर पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार कर रही है।
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सर्पदंश से मौत होने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है, लेकिन मायके वालों का कहना है कि जहर देकर मारा गया है। डीएम के आदेश पर शव का दोबारा पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के गठित पैनल से कराया जा रहा है।
-मिथलेश दीक्षित, सीओ मितौली