घायल की हालत गंभीर, लखनऊ रेफर
एसपी ने मौका मुआयना कर ली घटना की जानकारी
प्रधानाचार्य समेत दो पर रिपोर्ट दर्ज
नगर के मोहल्ला हफीजपुर में रेलवे स्टेशन रोड पर क्लीनिक के बाहर बैठे एक व्यक्ति को एक युवक ने दिनदहाड़े गोली मार दी, जिससे युवक घायल हो गया। घायल को पहले सीएचसी फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने घायल के साथी राजेश वर्मा की ओर से विद्या निकेतन के प्रधानाचार्य महेंद्र त्रिपाठी और एक शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
घायल लखीमपुर के मोहल्ला राजगढ़ निवासी सत्यवान राठौर ने रविवार की दोपहर ढाई बजे मोहल्ला हफीजपुर में अलीगंज रेलवे क्रासिंग के पास अपने अस्थायी आवास पर स्थित क्लीनिक पर बैठे थे। तभी एक अज्ञात युवक ने आकर उनसे कहा कि उसे विद्या निकेतन के प्रधानाचार्य महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने भेजा है। उन्होंने जैसे ही उससे बैठने को कहा, उसने गोली चला दी, जो सत्यवान के सीने पर बाई ओर बगल के नीचे जा लगी। जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। हमलावर घटना को अंजाम देकर बाहर की ओर भागने लगा तभी वहां मौजूद पीड़ित की बहन संतोषी राठौर ने उसका पीछा किया तो देखा कि विद्या निकेतन का अध्यापक राजकुमार मिश्र मौजूद थे, हमलावर उन्हीं के साथ भाग गया। घायल सत्यवान राठौर को आनन-फानन में घर वाले सीएचसी लाए, जहां से हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालत में सुधार न होने पर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। कोतवाली पुलिस ने राजेश वर्मा की तहरीर पर महेंद्र कुमार त्रिपाठी और राजकुमार मिश्र के विरुद्घ 307, 120बी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। घटना की सूचना पर सीओ एसपी डॉ. एस चन्नपा, सीओ अशोक कुमार यादव के साथ मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण कर जानकारी ली।
प्रधानाचार्य बोले षड़यंत्र के तहत फंसाया गया
गोला गोकर्णनाथ। कोतवाली पुलिस अभिरक्षा में बैठे विद्या निकेतन के प्रधानाचार्य महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस द्वारा सूचना मिली कि सत्यवान राठौर को गोली लगी है। उन्हें कोतवाली बुलाया गया। बताया कि सत्यवान राठौर वर्ष 2008 में कॉलेज में जीव विज्ञान पढ़ाते थे। उन्हें अनुशासन उल्लंघन में कॉलेज से निकाला गया था। सत्यवान राठौर एक बार उनकी अनुमति के बिना कॉलेज के विद्यार्थियों को लेकर नेपाल चले गए थे, जिस कक्षा के वह कक्षाध्यापक थे उस कक्षा के विद्यार्थियों का उन्होंने शुल्क अपने पास रखकर कॉलेज में नहीं जमा किया, जिससे उनपर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर उन्हें कॉलेज से निकाला गया था, जिससे सत्यवान उनसे रंजिश मानने लगे और उन्हें कई झूठे मुकदमों में फंसाने का प्रयास किया, जिसमें सत्यवान हर बार मुकदमे हारते रहे। 2008 में भी सत्यवान के मित्र राजेश वर्मा का पुत्र नर्सरी और पुत्री कक्षा सात में पढ़ती थी, जिनकी फीस मांगने पर वह रंजिश मानने लगे। उपभोक्ता फोरम में भी राजेश वर्मा ने उन पर मुकदमा किया था, बाद में राजेश वर्मा ने अपने ही बच्चों का अपहरण करने का आरोप महेंद्र त्रिपाठी पर लगाया था, जो जांच में फर्जी निकला था। उन्हें रंजिशन षड़यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है।
घटना संदिग्ध लग रही है। अभी कुछ कह पाना मुश्किल है। मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
डॉ. एस चन्नपा, एसपी