जंगलों को आग से बचाने के लिए दी चेतावनी
डीएफओ साउथ ने सुरक्षा के किए कड़े इंतजाम
तेज धूप और तेज हवाओं के चलने पर आग से जंगलों को बचाने के लिए वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है। गर्मियों के मौसम में तराई के जंगलों में लगने वाली आग विभाग के लिए चुनौती बनती जा रही है। इससे करोड़ों रुपये की वन संपदा और दुर्लभ जड़ी-बूटियों के नुकसान के साथ ही वन्य प्राणियों की जान का खतरा रहता है। डीएफओ साउथ नीरज कुमार ने इसे रोकने के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए है।
गर्मियों में जंगलों में आग के खतरों से निपटने के लिए डीएफओ साउथ ने डिवीजन की समस्त छह रेंजों क्रमश: मैलानी, गोला गोकर्णनाथ, भीरा, मोहम्मदी, शारदा नगर और मैगलगंज में चाक-चौबंद व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि साउथ खीरी वन कर्मचारियों की टीमें गठित चौबीस घंटे बारी-बारी से निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। फायर कर्मियों को जंगल के अंदर दूर कहीं धुआं दिखलाई पड़ने पर तत्काल वहां पहुंचने और संबधित अधिकारियों को जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएफओ ने समस्त रेंज के फॉरेस्टर और वन रक्षकों को जंगल के अंदर पहले से बनाईं गईं फायर लाइनों की कड़ी निगरानी के आदेश दिए है। उन्होंने बताया कि इस पर लगाम लगाने के लिए जंगल के अंदर गैर कानूनी तरीके से घूम रहे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। डीएफओ ने वनकर्मियों को निर्देश दिए है कि कोई भी व्यक्ति माचिस या अन्य कोई ज्वलनशील पदार्थ जंगल के अंदर न ले जाने पाए।
चरवाहों की कड़ी निगाहबानी के निर्देश
डीएफओ नीरज कुमार ने बताया कि वनकर्मियों को जंगल के बाहरी किनारों पर पशुओं को लेकर जाने वाले चरवाहों की कड़ी निगेहबानी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि धूम्रपान की आदत के चलते चरवाहे अपने साथ अमूमन माचिस ले जाते है। उन्होंने बताया कि चरवाहों की लापरवाही के चलते अक्सर जंगल के बाहरी किनारों पर आग लगने का खतरा बना रहता है।