थाना क्षेत्र के गांव मकसूदाबाद निवासी 70 वर्षीय वृद्ध की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सोमवार की सुबह करीब 10 बजे लोगों ने उसका शव खेत से एक किमी दूर आंवला जंगल में पड़ा देखा, जिसके बाद परिवार वालों को घटना की जानकारी हुई। मृतक के शरीर पर तीन गोली मारी गईं।
सूचना पर एएसपी एपी सिंह, सीओ मितौली मिथिलेश कुमारी दीक्षित ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। हत्या के कारणों का पता नहीं लगा है। मृतक के परिवार वालों ने किसी रंजिश से इंकार किया है। हालांकि मृतक के छोटे भाई ने प्रधान पद का चुनाव लड़ा था।
मकसूदाबाद निवासी 70 वर्षीय बिहारी की 15 बीघा जमीन मैगलगंज थाना के गांव भावदा ग्रंट में स्थित है। कई वर्षों से बिहारी और उसकी पत्नी वहीं खेत में रहकर खेती कार्य करता था और रखवाली करने के लिए रात को खेत में ही रुकता था।
गांव में बिहारी का पुत्र शिवपूजन अपनी पत्नी के साथ रहता था। दिन में वह अपने पिता के साथ खेती बाड़ी देखकर शाम को घर आ जाता था। सोमवार की सुबह करीब 10 बजे बिहारी का शव मकसूदाबाद के पास आंवला जंगल में देखा गया जो उसके खेत से करीब एक किमी की दूरी पर स्थित है। बिहारी के दाहिने हाथ, पेट और चेहरे पर गोली लगीं थीं।
खेत में अपने पति के साथ रह रही मृतक की पत्नी ने भी हत्या के कारणों की जानकारी से इंकार किया है। सोमवार की सुबह जब वह जागी, तो उसका पति घर पर नहीं मिला।
एसओ गुलाब शंकर पांडेय ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे डोकरपुर निवासी रामस्वरूप ने मोबाइल से घटना की सुचना दी थी। एएसपी अष्टभुजा सिंह, सीओ मितौली मिथिलेश दीक्षित, एसओ हैदराबाद, मैगलगंज की पुलिस भी मौके पर पहुंची। इसके बाद करीब दो घंटे पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही। वन विभाग के वॉचर और लेखपाल की रिपोर्ट के बाद तय हुआ कि घटनास्थल मितौली थाना क्षेत्र का है। एसओ ने बताया कि मृतक के पुत्र शिवपूजन की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
सीओ मितौली मिथिलेश कुमारी दीक्षित के अनुसार मृतक के पुत्र ने हत्या
के कारणों के बारे में जानकारी सेे इंकार किया है। मृतक के छोटे भाई
रामस्वरूप के लखनऊ से आने का परिवार वाले इंतजार कर रहे थे, जिसकी वजह से
मुकदमा दर्ज करने में देरी हुई। वादी की तहरीर के मुताबिक अज्ञात आरोपियों
के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही मामले का खुलासा
करने के निर्देश दिए गए हैं।
घटनास्थल पर नहीं मिला खून
मृतक के खेत से करीब एक किमी दूर आंवला जंगल में जिस जगह शव मिला, वहां पर खून नहीं मिला है। इससे पुलिस को शक है कि वृद्ध की पहले हत्या कहीं और की गई, जिसके बाद शव आंवला जंगल में फेंका गया। हालांकि पुलिस ने शव बरामदगी स्थल के आसपास काफी गहनता से छानबीन की है।
मृतक के छोटे भाई ने लड़ा था प्रधानी का चुनाव
70 वर्षीय वृद्ध की गोली मारकर हत्या किए जाने से हर कोई हैरान है, क्योंकि उसकी किसी से रंजिश भी नहीं बताई जा रही। अब पुलिस हत्या के कारणों की तलाश में जुटी है, जिसके आधार पर ही वह कातिलों तक पहुंच सकती है। पुलिस के मुताबिक मृतक का छोटे भाई रिटायर्ड वायरलेसकर्मी रामस्वरूप ने हाल में ही डोकरपुर ग्राम पंचायत से प्रधानी का चुनाव लड़ा था, जिसमें वह हार गया था। पुलिस इस बिंदु पर भी अपनी तफ्तीश कर सकती हैै।