बालूडीह गांव में एक साथ तीन जनाजे देख पसरा मातम
जलसा (इस्तिमा) से घर वापसी के दौरान रास्ते में हुए बोलेरो हादसे में जान गंवाने वाले बुजुर्ग अब्बास, सज्जाद और लाल मोहम्मद तीनों बालूडीह गांव के निवासी और पड़ोसी थे। तीनों परिवारों की आर्थिक स्थित भी करीब एक जैसी है। एकसाथ तीन जायरीनों की मौत से गांव में सन्नाटा पसरा है, तो घरों में कोहराम मचा है।
जिंदगी लगने लगी बोझ
घर मे छोटी सी दुकान चलाकर अब्बास गुजर बसर कर रहे थे। पति की दुनिया से रुखसती के बाद पत्नी महरुननिशां बिल्कुल अकेली पड़ गई है। वह चीखकर कहती हैं कि अब जिंदगी बोझ लगने लगी है। आसपास की महिलाएं उनको ढांढस बंधाती है।
खुशियों को मानों लग गई नजर
पड़ोसी सज्जाद के घर भी कोहराम मचा है। फल का ठेला लगाकर परिवार का भरण पोषण करने वाले बुजुर्ग सज्जाद के घर करीब 15 दिन पहले खुशी का माहौल था। बेटे और एक बेटी की शादी जो हुई थी। नई रिश्तेदारी के बीच घर में मेहमानों का आना जाना भी लगा था। इस बीच मंगलवार को मनहूस खबर ने मानों परिवार की सारी खुशियां छीन ली हो। तीन बच्चों की शादी हो चुकी है, जबकि एक लड़का अभी अविवाहित है।
कैसे पीले होंगे बेटी के हाथ
इसी कड़ी में लाल मोहम्मद उर्फ दुन्ना पहलवान की पत्नी खातूना के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। रोते-बिलखते खातूना कहती है, सात बच्चों में तीन अविवाहित है। शादी के बाद से दो बेटे अलग हो गए। दो छोटे बेटे और बेटी है। बेटी शादी के लायक हो चुकी है। पति की मौत से गमजदां खातूना को बेटी की चिंता भी सता रही है। वह कहती है पति के साथ मुझे भी ऊपरवाला बुला लेता, तो ठीक होता। एक साथ तीन मौतों से पूरे गांव मे मातम सा माहौल है।
सूझबूझ से लिया काम
बोलेरो हादसे में गांव का युवक 26 वर्षीय नसरत भी चोटिल हुआ है। नसरत बताता है कि जब गाड़ी पलटी तो कुछ देर के लिए सभी बेसुध हो गए। जैसे ही उसकी आंखे खुली तो सबको लहुलुहान देख उसके होश उड़ गए। उसने फौरन 108 एंबुलेंस को खबर दी। कुछ ही देर मे पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एंबुलेंस से सभी अस्पताल भेजे गए।