कांग्रेसी नेता रिसाल अहमद की अगुवाई में मोहाना नदी के कटान पीड़ितों ने थारू गांव रामनगर में चल रहे थारू महोत्सव के प्रशासनिक कैंप में डीएम के सामने हंगामा किया।
इससे नाराज होकर डीएम मौके से चली गईं और पुलिस को उन्हें खदेड़ना पड़ा। इस दौरान रिसाल अहमद और उनके दो भाइयों को हिरासत में ले लिया गया है। साथ ही तीनों को नामजद करते हुए अन्य लोगों पर अचार संहिता के उल्लंघन, सरकारी कार्य में बाधा समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
कोतवाली प्रभारी चंदन चौकी इंद्रकुमार ने बताया कि पलिया के मोहल्ला रंगरेजान निवासी कांग्रेसी नेता रिसाल अहमद अपने भाई शफीक और वसीम सहित दर्जनों कटान पीड़ितों के साथ गांव रामनगर के प्रशासनिक कैंप में सोमवार की दोपहर बाद करीब तीन बजे आकर बैठ गए।
इसी बीच डीएम वहां पहुंच गईं, जहां रिसाल अहमद ने कटान पीड़ितों की समस्या रखते हुए डीएम को अपनी बात बतानी चाही। इस पर डीएम ने रिसाल अहमद के भीड़ संग बिना अनुमति चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद भी आने के तरीके को अनुचित बताते हुए वापस जाने को कहा। जिस पर वह अपने तर्क देने लगे। इस पर डीएम नाराज होकर जाने लगीं तो कांग्रेस नेता समेत आए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।
उधर डीएम के जाने के बाद भी लोग नहीं मानें तो पुलिस ने लाठियां फटकारते हुए लोगों को खदेड़ा। कोतवाल के अनुसार जिससे भगदड़ मच गई। पुलिस ने फौरन ही रिसाल अहमद, उनके भाई शफीक और वसीम को हिरासत में ले लिया। इसमें पूर्व पीसीसी सदस्य और उनके भाइयों समेत कई लोगों को चोटें आईं हैं।
पुलिस ने पूर्व पीसीसी सदस्य और उनके दो भाइयों पर समेत अन्य लोगों ने आचार संहिता के उल्लंघन समेत संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
कांग्रेस से छह माह के लिए निष्कासित हैं रिसाल अहमद
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान अनुशासनहीनता के कारण पार्टी ने रिसाल अहमद को छह साल के लिए निष्कासित कर रखा है। ऐसे में यदि वह खुद को कांग्रेस का पदाधिकारी बताते हैं तो अनुचित है।