सेवानिवृत्त वन दरोगा के घर में था सांपों का डेरा
एक-एक कर निकले डेढ़ सौ से अधिक सांप
कस्बे के बगिया मोहल्ले में एक पुरानी इमारत से एक साथ निकले 150 से अधिक सांपों को देखकर पूरा कस्बा दहल उठा। कस्बा निवासी सेवानिवृत्त वन दरोगा जितेंद्र कुमार मिश्रा के घर में सांपों का डेरा था। रविवार रात सांपों की सरसराहट से जागे जितेंद्र मिश्रा को पहले दो सांप दिखाई दिए। जिन्हें उन्होंने बाहर फिंकवाया तो सीड़ियों के नीचे बनी पुरानी भंडरिया से सांपों के निकलने का सिलसिला ही शुरू हो गया। एक साथ निकले सांपों को देख कस्बे में दहशत फैल गई।
ओयल कस्बे के बगिया मोहल्ला निवासी सेवानिवृत्त वन दरोगा जितेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि उनके घर में सीड़ियों के नीचे एक भंडरिया बनी हुई है। निष्प्रयोज्य होने के कारण वह लंबे अरसे से बंद पड़ी है। इस भंडरिया में सांपों ने कब अपना डेरा बना लिया उन्हें पता ही नहीं चला। रविवार रात अचानक सरसराहट सुन उनकी आंख खुली तो देखा दो सांप उनके बिस्तर से कुछ दूरी पर रेंग रहे थे। उन्होंने इसे सामान्य घटना समझकर दोनों सांपों को बाहर फिंकवा दिया। इसके बाद तो भंडरिया से निकले पाइप से सांपों के निकलने का सिलसिला ही शुरू हो गया।
बड़ी संख्या में सांपों के निकलने पर परिवार के लोग घबरा उठे। कस्बे के लोगों में दहशत फैल गई। लोगों के कहने पर जितेंद्र ने कसबे के ही एक सांप पकड़ने वाले रामचंद्र को बुलाया। उसने भंडरिया खुलवा कर सांप पकड़ने शुरू किए तो डेढ़ सौ से अधिक सांप निकले। इन सांपों को पकड़कर रामचंद्र ने प्लास्टिक के एक बड़े डिब्बे में रखा। इन सांपों को बाद में नदी पार झाड़ियों में छोड़ दिया गया। इससे परिवार और कस्बे के लोगों ने राहत की सांस ली।
जितेंद्र के मुताबिक सांपों की लंबाई करीब एक फुट के आसपास थी और रंग काला मटमैला। उधर वन विभाग ने ओयल कस्बे में सांपों के इतने बड़ी संख्या में निकलने की घटना की जानकारी से इनकार किया है।
सांपों पर गहन अध्ययन करने वाले दक्षिण खीरी वन प्रभाग की शारदानगर रेंज में डिप्टी रेंजर अशोक कश्यप का कहना है कि संभव है भंडरिया में मादा सांप रह रहा हो। उससे मेटिंग के लिए सैकड़ों की संख्या में नर सांप आ गए होंगे। सांपों के निकलने पर वन विभाग को सूचित किया जाना चाहिए था।